बिधूना। हरी सब्जियों के बाद अब प्याज के बढ़ते दामों ने आम आदमी की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में प्याज की कीमत में करीब 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। हाल तक 40 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब फुटकर बाजार में 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ती महंगाई से आम परिवारों का मासिक रसोई बजट गड़बड़ा गया है।
रोजमर्रा के खानपान और लगभग हर सब्जी की ग्रेवी में इस्तेमाल होने वाले प्याज के बढ़े दामों ने गृहिणियों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि पहले चीनी की महंगाई ने घरेलू बजट प्रभावित किया और अब प्याज के बढ़ते भाव परेशानी बढ़ा रहे हैं।
सब्जी विक्रेता संजय प्रजापति ने बताया कि थोक मंडियों से ही प्याज महंगी दरों पर मिल रहा है। इसका असर फुटकर बाजार पर भी पड़ रहा है। पहले 35 से 40 रुपये किलो बिकने वाला बढ़िया किस्म का प्याज अब 60 रुपये किलो बेचना पड़ रहा है।
प्याज की बढ़ी कीमत का असर केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं है। होटल और रेस्टोरेंट के साथ चाट, चाउमीन, बर्गर और टिक्की जैसे स्ट्रीट फूड में भी प्याज का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। दाम बढ़ने से इन कारोबारियों की लागत भी बढ़ गई है।
गृहिणी सुषमा देवी ने कहा कि पहले चीनी के बढ़े दामों ने घरेलू बजट प्रभावित किया था, अब प्याज भी महंगा हो गया है। प्याज ऐसी चीज है, जिसका इस्तेमाल लगभग हर सब्जी में होता है। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच सीमित बजट में गृहस्थी चलाना कठिन होता जा रहा है।
गृहिणी स्वेता मिश्रा ने कहा कि प्याज के दाम सुनकर लगता है कि अब इसका इस्तेमाल ही बंद करना पड़ेगा। रोजमर्रा की जरूरत की चीजें इतनी महंगी होने से परिवार का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है।