लेखपालों व वकीलों की हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। वकीलों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। संघ ने लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई व लेखपालों की ओर से किए गए मुकदमें को वापस लेने के की मांग की। इधर, लेखपाल भी आरोपी वकीलों ने खिलाफ कार्रवाई को लेकर तहसील सभागार में धरने पर बैठे रहे। वकीलों व लेखपालों की तनातनी में तहसील व रजिस्ट्रार कार्यालय का काम बंद पड़ा हुआ है।
तहसील के सभागार में वकीलों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और आज सुबह से शहीद पार्क में गांधी की प्रतिमा के सामने उपवास करने की भी बात कही। संघ के अध्यक्ष देवेंद्र नाथ उपाध्याय ने कहा कि लेखपाल आम आदमी से काम करने के लिए वसूली करते हैं। पंतजलि दुबे ने वकीलों के साथ अभद्र व्यवहार किया है और फर्जी मुकदमे दर्ज कराए हैं। जब तक इसे वापस नहीं लिया जाएगा, हम धरने पर बैठे रहेंगे। इस मौके पर राजवीर सिंह, महामंत्री शेखर मिश्रा मौजूद रहे । इधर लेखपाल संघ के अध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि वकीलों का काम लोगों को न्याय दिलाना होता है। लेकिन आज खुद ही गलत राह पर हैं। वहीं पंतजलि दुबे ने कहा कि मेरी वकीलों से कोई लड़ाई नहीं है, लेकिन सुशील कुमार व उनके साथी लेखपाल को उसके दफ्तर में मारा गया। अगर आज इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो आगे इस तरह की घटनाएं बढ़ जाएंगी। धरने मेें अमरेश गोपाल, जय प्रताप आदि लोग उपस्थित रहे।