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चौथे दिन भी बैंकों के हालत बेकाबू दिखे

Sun, 13 Nov 2016 09:52 PM IST
औरैया
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- बैंक के अंदर मची अफरा-तफरी के बीच लोगों को समझाता ट्रेफिक सिपाही - फोटो : अमर उजाला
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एक ओर शहर में बैंकों के समय पर न खुलने से ग्राहक परेशान हैं। वहीं सेंट्रल बैंक खानपुर शाखा में नेटवर्क फेल हो जानेे से दोपहर बाद तक काम बंद रहा। इस पर लोगों ने हंगामा किया। कई बैंकों में घंटों से लाइन में खड़े लोगों ने बैंक कर्मियों पर अपने चहेतोें को पहले नोट देने का आरोप लगा बवाल काटा। हालांकि सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पंाच सौ व एक हजार के नोट बंद करने के बाद शहर में चौथे दिन भी हालात बेकाबू नजर आए।
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सुबह 11:30 बजे, आईसीआईसीआई बैंक, औरैया
सुबह आईसीआईसीआई बैंक पहुंचने पर लाइन में लगे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। बैंक के अंदर जाकर देखा तो शटर बंद था। मैनेजर सभी से सहयोग की अपील करते दिखे। यहां पहुंचने पर लोगों ने बताया कि बैंक कर्मी अपने चहेतों को अंदर ले जाकर उनके नोट बदलने व करेंसी जारी करने का काम कर रहे हैं। जबकि वह सुबह से परेशान हैं।


दोपहर 2:45 बजे, सेंट्रल बैंक, खानपुर
सेंट्रल बैंक पहुंचने पर बैंक के अंदर ग्राहक चिल्लाने में लगे थे। उन्होंने बताया कि सुबह से लाइन में लगे हैं लेकिन रुपये जमा नहीं हो रहे हैं। न ही किसी को करेंसी मुहैय्या कराई गई है। बैंक मैनेजर मोहन लाल मीणा ने बताया कि बैंक में नेटवर्क के लिए लगा उनका अपना वी सेट सहित दो लाइनें ठप है। इंटरनेट काम नहीं कर रहा है। इससे काम बंद है।
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दोपहर 3 बजे, स्टेट बैंक, औरैया
स्टेट बैंक शाखा पहुंचने पर लोगों की भारी भीड़ जमा दिखाई दी। यहां मौजूद लोगों ने बैंक कर्मियों पर फार्म में चार हजार रुपये लिखने व दो हजार रुपये ही दिए जाने का आरोप लगाया। इस संबंध में जब मैनेजर संजय कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि ऐसा कुछ नहीं है। थोड़ी दिक्कत हो रही है। जिससे लोग बेवजह आरोप लगा रहे हैं।  

डाकघर में बदले गए सिर्फ हजार रुपये
दिबियापुर। दिबियापुर के डाकघर में रविवार को मात्र 1000 रुपये की करेंसी को ही बदला गया। लोगों ने कम से कम 4000 रुपये बदले जाने की मांग की। डाकघर के उपभोक्ताओं ने बताया कि वह लोग डाकघर में पुरानी बंद हो चुकी करेंसी जमा तो करा रहे हैं। परंतु अभी तक डाकघर प्रशासन ने खातों से रुपये देना शुरू नहीं किया है। कई उपभोक्ताओं का तो कहना है कि उनके पास अब बंद हो चुकी करेंसी के अलावा रुपये ही नहीं बचे।
वहीं सहायल तिराहा स्थित सिंडीकेट बैंक में लोगों की पुलिस से नोंक झोंक हुई। एक युवक ने पुलिस पर अभद्रता एवं धक्का मुक्की करने का आरोप लगाया।

बिल जमा करने में प्रयोग करें पुराने नोट
बीएसएनएल के एसडीई शिवदत्त पाल का कहना है कि टेलीफोन बिल जमा करने के लिए बंद हुई पुरानी 500 एवं 1000 रुपये की करेंसी को दिबियापुर स्थित बीएसएनएल के काउंटर पर आकर जमा कर सकते हैं। बताया कि सोमवार को भी बीएसएनएल काउंटर खुला हुआ है। बताया कि औरैया एवं इटावा में भी सोमवार को काउंटर खुले रहेंगे।
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