थाना बेला क्षेत्र के ग्राम महू में पुलिस प्रताड़ना से परेशान युवक द्वारा मौत को गले लगाए जाने पर आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों संग हंगामा काटा और पुलिस कार्यशैली के प्रति गुस्से का इजहार किया।
ग्रामीण उच्चाधिकारियों को बुलाने एवं दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराए जाने पर अड़े रहे। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम ने लोगों का समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
बता दें कि ग्राम महू निवासी शीलू उर्फ राजेंद्र (25) पुत्र रमेश चंद्र सविता ने गांव बाहर एक जामुन के पेड़ से लटक कर जान दे दी थी। शव फांसी पर लटके देख क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
मृतक के परिजनों ने हल्का इंचार्ज रजपाल सिंह पर आरोप लगाते हुए बताया कि शनिवार देर शाम वह मय फोर्स के घर आए और मृतक शीलू से गालीगलौज की।
आरोप है कि दो माह पूर्व एक शादी समारोह में किसी मामले की पूछताछ के लिए पुलिस आए दिन उसे थाने बुलवाकर प्रताड़ित किया करती थी।
मृतक के भाई पप्पू ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व उसके भाई ने पुलिस को पांच हजार रुपये भी दिए थे। शनिवार को जब हल्का इंचार्ज ने दोबारा शीलू को परेशान किया तो उसने जामुन के पेड़ से लटक कर अपनी जान दे दी।
पीड़ितों पर दिखा पुलिस का दबाव - जब पुलिस मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए ले जा रही थी। तभी ग्रामीणों ने शव को गाड़ी से उतार कर नीचे रख दिया। मामला यह था कि पुलिस अपनी मर्जी के मुताबिक तहरीर लिखा रही थी। इसी मामले को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों ने हंगामा काटा।
दो माह पूर्व एक युवक ने दूसरी शादी कर ली थी। उसकी पहली पत्नी ने एक शिकायती पत्र दिया था, जिसमें मृतक शीलू व अन्य ग्रामीण बाराती बनकर गए हुए थे। उसी मामले की पूछताछ के लिए शनिवार को हल्का इंचार्ज शीलू के घर गए हुए थे। परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। राजा दिनेश सिंह थानाध्यक्ष बेला
मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया जाएगा। अगर मामले में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।- मनोज तिवारी, एसपी