कांशीराम कालोनियों में पात्रों की ओर से आवासों को किराए पर उठाए जाने की पुष्टि जांच टीम ने कर दी है। छह माह पूर्व अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद हुई जांच में चारों कालोनियों में 170 किराएदार रहते मिले। जबकि 363 आवास बंद मिले। इन सभी को डूडा विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इससे पात्रता के बावजूद भी आवास न मिल पाने से वंचित लोगों को आवास मिलने में सुविधा हो जाएगी।
शहर में साल 2009-10 में कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत बनवाई गई चार कालोनियों में चयनित पात्रों की ओर से आवासों को पांच से छह सौ रुपये प्रतिमाह किराए पर उठा दिया गया था। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से उजागर कर अपात्रों को मिले आवासों का भंडाफोड़ किया था।
बाद इसके डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर चारों कालोनियों की जांच के आदेश जारी किए। जिसमें जांच अधिकारी बीएसए राजेश श्रीवास, डीएसओ दिलीप कुमार, ईओ नगर पालिका राधा तिवारी, एपीओ डूडा अशोक सचान व जिला विकलांग कल्याण अधिकारी को जांच सौंपी गई थी। 11 जनवरी तक कखावतू स्थित कांशीराम कालोनी के सात ब्लाकों की जांच शेष रह गई थी। अमर उजाला ने दोबारा खबर प्रकाशित की तो अधिकारियों ने आनन-फानन बची जांच को पूरा किया।
देरशाम कालोनी में जांच अधिकारियों के पहुंचने पर लाभार्थियों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान अधिकरियों ने जांच में मामला सही पाया। अधिकारियों की ओर से की गई जांच में 170 लोग किराए पर रहते पाए गए। जिसमें एसपी आवास में 90, नलकूप कालोनी में 54, पुरानी कलेक्ट्रेट में 11 व कखावतू कांशीराम कालोनी में 15 लोग शामिल हैं। वहीं जांच के दौरान टीमों को 363 आवास बंद मिले। इनमें से एसपी आवास में 184, नलकूप में 61, पुरानी कलेक्ट्रेट में 40 व कखावतू में 78 आवास शामिल हैं।
कालोनी की जांच में लगभग 170 किराएदार मिले हैं। जबकि 363 आवास बंद पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। निर्देश के बाद सभी को नोटिस जारी किए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके बाद डीएम के निर्देश के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अशोक सचान, एपीओ, डूडा