ना- ना और हां-हां के बीच औरैया महोत्सव के आयोजन का मंडी समिति परिसर में कराने को आखिर प्रशासन ने हरी झंडी दे दी। आयोजन स्थल तय होने के बाद नरोत्तमपुर में आयोजन को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लग गया है।
वहीं औरैया महोत्सव को भव्यता से आयोजित कराने के लिए प्रशासन ने ओएसई को भी प्रायोजक नामित कर आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई है।
सोमवार को औरैया महोत्सव के आयोजन स्थल के रूप में चयनित किए गए ग्राम नरोत्तमपुर में अधिक दूरी व नुकसान का हवाला देकर ठेकेदार द्वारा दुकानें लगाने से इंकार दिए जाने की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
खबर के बाद सक्रिय हुए प्रशासन ने आनन-फानन में नरोत्तमपुर के स्थान पर कृषि उत्पादन परिसर में औरैया महोत्सव के आयोजन पर फाइनल मोहर लगाकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
बुधवार को ग्राम्य विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप की विदाई के बाद जिला प्रशासन औरैया महोत्सव आयोजन में कार्यक्रम कराने की भूमिका तैयार करता रहा।
इस क्रम में चयनित की गई मंडी समिति परिसर की भूमि का एसडीएम सदर जितेंद्र श्रीवास्तव ने स्थलीय परीक्षण किया। संबंधित ठेकेदार ने भी आयोजन स्थल को लेकर सहमति जताते हुए दुकानों को स्थापित कराने के लिए खाखा तैयार किया।
आयोजन स्थल पर निर्णय हो जाने के बाद जिला प्रशासन ने महोत्सव में सैंफई की तर्ज पर छोटे पर्दे के कलाकारों से कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए गैल व एनटीपीसी को तो जिम्मेदारी सौंपी है।
वहीं एनएच टू पर सिक्स लेन परियोजना का निर्माण करा रही कार्यदाई संस्था ओरिएंटल स्ट्रक्चर इंजीनियर्स कंपनी को भी महोत्सव में एक रात के लिए मनोरंजक कार्यक्रम आयोजन कराने हेतु प्रायोजक नामित किया है।
औरैया महोत्सव के संबंध में जानकारी देते हुए एसडीएम सदर जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि स्थल पर डीएम की सहमति मिल जाने पर काफी उलझनें सुलझ गई हैं। अब पूरा ध्यान महोत्सव को भव्यता से संपन्न कराने पर दिया जाएगा।