औरैया। पशुपालन विभाग और गोशाला संचालक अब गोवंश के भरण-पोषण के लिए किसानों से हरा चारा खरीदेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन स्तर पर मंथन शुरू किया गया है। पशुपालन विभाग की ओर से बताए गए प्रस्ताव के बाद हरे चारे की मवेशियों को जरूरत प्रमुख तौर पर बताई गई है।
जिले में 45 गोशालाओं में 16 हजार के करीब मवेशियों को संरक्षण दिया जा रहा है। 18 ग्राम पंचायतों में स्थित गोशालाओं के लिए चरागाह की पर्याप्त जमीन है। आठ जगहों पर गोशाला संचालकों की ओर से चरागाह की जमीन पर हरा चारा उगाकर मवेशियों का पोषण जुटाया जा रहा है। ज्यादातर गोशालाओं में मवेशी हरे चारे से वंचित है। ऐसे में मवेशियों को सूखा चारा व दाने पर रखा जा रहा है। जिसे देखते हुए विकासखंड स्तर से प्रत्येक गोशाला संचालक से चरागाह व हरे चारे को लेकर जानकारी मांगी गई है।
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चरागाह या अन्य सुरक्षित जमीन न होने पर किसानों से हरा चारा खरीदने की तैयारी है। ऐसे में मिलने वाले बजट के कुछ अंश से किसानों से अनुबंध करते हुए हरा चारा खरीदा जाएगा। इसे लेकर मानक तय किए जाने हैं।
मवेशियों को हरा चारा मिले इसे लेकर प्रबंध किए जाने है। मवेशियों के कमजोर होने के पीछे हरे चारे का अभाव होना पशु चिकित्सकों की ओर से बताया जाता है। जिसे देखते हुए गोशाला संचालकों को किसानों से अनुबंध करने की रणनीति तैयार की जा रही है। प्रति किलो व जमीन के हिसाब से हरा चारा खरीदने की योजना है। किसी तरह की अनियमितता न हो इसे लेकर मानक निर्धारित किए जाएंगे। - अनिल कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी