औरैया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में अब दूसरा बेटी होने पर भी योजना का लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद प्रदेश के लिए बजट में भी इसका प्रावधान कर गाइड लाइन जारी कर दी गई है। इसका क्रियान्वयन शेष है।
अपर सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि इस योजना में पहले पहला बच्चा होने पर तीन किस्तों में पांच हजार रुपये दिए जाते थे। अब यह लाभ दूसरा बच्चा होने पर मिलेगा, पर बालिका होने पर ही राशि देने का प्रावधान किया गया है। योजना में बदलाव का उद्देश्य जन्म के समय लिंगानुपात में बढ़ोतरी और बालिका भ्रूण हत्या पर रोक लगाना है।
दूसरे बच्चे के मामले में गर्भधारण करने के साथ ही रजिस्ट्रेशन किया जाना अनिवार्य है। कम से कम छह माह के भीतर एक प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) होना जरूरी है। दूसरी किस्त की शर्त के तहत बच्चे का जन्म पंजीकरण होना जरूरी है। साथ ही बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण भी पूरा होना चाहिए।
इसका लाभ लाभार्थी के आधार कार्ड नंबर के आधार पर ही मिलेगा, ताकि गलत तरीके से कोई योजना का लाभ न ले सके। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) एक जनवरी 2017 से लागू है। इसका उद्देश्य मां और बच्चे के लिए पोषण के साथ मजदूरी के नुकसान के लिए आंशिक मुआवजे के लिए नकद प्रोत्साहन प्रदान करना है। लाभार्थी आशा, एएनएम के जरिये और महिलाएं ऑनलाइन स्वयं भी फार्म भर सकती हैं।