मृतक बृजेश की पत्नी को सांत्वना देती गांव की महिलाएं
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लछियामऊ हादसे के एक हफ्ते के बाद भी मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है। मदद के नाम पर प्रशासन से मिला राशन भी खत्म हो गया है। मृतक बृजेश के घर जहां अब सिर्फ पत्नी, बेटी व बूढ़े मां-बाप बचे हैं, हालात बदतर है। कोई कमाने वाला नही है। ऐसे में आर्थिक स्थिति खराब है। 14 अगस्त को बिजली हादसे में लछियामऊ में पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसमें बृजेश व उसके दो बेटों की मौत हो गई थी। जिसके कारण अब उसके यहां सिर्फ पत्नी व बेटी बची है और कमाने वाला भी कोई नही है।
मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक ने मुआवजे की घोषणा की थी। लेकिन आज तक फूटी कौड़ी भी नही मिली है। प्रशासन ने भी फौरी सहायता के रूप में राशन उपलब्ध कराया था। वह भी अब खत्म हो चुका है। प्रशासन की लेटलतीफी पर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि आखिर मुआवजे की राशि देने में इतनी देरी क्यों की जा रही है। जबकि फौरी सहायता के रूप में तत्काल चेक देने का भी प्रावधान है। वहीं गांव की महिलाएं मृतक बृजेश के यहां पहुंचकर उन्हे सांत्वना दे रही हैं। परिवार के खाने आदि की व्यवस्था कर रही हैं।
हादसे के बाद से गुल है बिजली
हादसे के बाद आज तक लछियामऊ व आसपास गांव की बिजली शुरू नही हो पाई है। ग्रामीण अंधेरे में रह रहे हैं। जबकि उस समय अधिकारियों ने बिजली लाइन को अंडरग्राउंड कराने का भी आश्वासन दिया था। मगर आज तक बिजली तक शुरू नही हो पाई।