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धान का भुगतान नहीं

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औरैया। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के बाद किसान परेशान हैं। अभी तक उन्हें भुगतान नहीं मिला है। इसके कारण किसी को बेटी की शादी की चिंता सता रही है तो कोई अगली फसल और परिवार कैसे चलेगा ये सोच रहा है। जिले के 329 किसानों का धान की बिक्री का 266.82 लाख रुपये बकाया है। सोमवार को भी कई किसानों ने डिप्टी आरएमओ सुधांशु शेखर को अपनी पीड़ा बताई।
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हरचंदपुर के किसान आदित्य कुमार द्विवेदी की पुत्री की 27 फरवरी को शादी है। आदित्य ने करीब दो माह पहले नैफेड के केंद्र पर 64 क्विंटल धान बेचा था, लेकिन अभी तक सवा लाख रुपये के भुगतान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि खेती ही सहारा है। अब धान के पैसे नहीं मिले हैं, तो बेटी की शादी कैसे करेंगे।
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जैतपुर के किसान रघुपति सिंह ने तीन दिसंबर को 63 क्विंटल और पवन सिंह ने 45 क्विंटल धान बेचा था। लेकिन उन्हें अभी तक धान का भुगतान नहीं हुआ है। शासन स्तर से धान खरीद की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित है। काफी संख्या में किसान भुगतान के लिए केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। डीएम सुनील कुमार वर्मा ने लंबित भुगतान के बारे में कारण सहित रिपोर्ट भी तलब की है। जिले में 50 हजार मीट्रिक टन धान खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष 60 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
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वर्जन
सबसे ज्यादा धान का बकाया नैफेड का है। नैफेड के ब्रांच मैनेजर को पत्र लिखकर अवगत करा दिया गया है। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर सभी किसानों का भुगतान कराने का आश्वासन दिया है। - सुधांशु शेखर चौबे, डिप्टी आरएमओ
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