औरैया। सौ शय्या युक्त जिला अस्पताल में शाम होते ही इमरजेंसी सेवा ठप हो जाती है। इसके कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाल ये है कि एक फार्मासिस्ट के भरोसे ही काम चल रहा है। इसके कारण शाम को पहुंचे गंभीर रोगियों को रेफर कर दिया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा करता है लेकिन 100 शय्या युक्त जिला अस्पताल में इसकी तस्वीर उलटी है। यहां सुबह ओपीडी के दौरान मरीजों की लाइन दिखती है और डॉक्टर सेवा में लगे रहते हैं लेकिन शाम को फार्मासिस्ट के अलावा कोई नहीं दिखता। इमरजेंसी सेवा फार्मासिस्ट के भरोसे ही है। ऐसे में गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सा के नाम पर 50 शय्या युक्त जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। उन्हें सात किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण शाम को इमरजेंसी सेवा संचालित नहीं हो पा रही है। डॉक्टरों की मांग के लिए शासन को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं लेकिन अभी तक समस्या का निदान नहीं हुआ है। डॉक्टरों की कमी पूरी होते ही इमरजेंसी सेवा भी सुचारु कर दी जाएगी। - डॉ. राजीव रस्तोगी, सीएमएस