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सरकारी दफ्तरों से गायब हुई, कोरोना हेल्प डेस्क

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औरैया। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के संकेत मिल रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी इस पर चिंता जताई है लेकिन हाल ये है कि पूर्व में बनाई गईं कोविड हल्प डेस्क काम नहीं कर रही हैं। कहीं कर्मी नहीं बैठ रहे हैं तो कहीं सिर्फ बैनर लगे हैं।
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प्रदेश भर में साप्ताहिक लॉकडाउन अभी भी जारी है। इसके बावजूद सरकारी दफ्तरों तक में लापरवाही बरती जा रही है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कराया जा रहा है। कोरोना पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी दफ्तरों में बनाई गई कोविड हेल्प डेस्क नदारद हैं। यहां न तो सोशल डिस्टेंस का पालन हो रहा है और न ही लोग मास्क लगाए नजर आते हैं। ऐसे में तीसरी लहर से लड़ाई थोड़ी मुश्किल होगी।
सदर कोतवाली में हर रोज पहुंचने वालों की संख्या 100 से अधिक होती है। संक्रमण फैलने के दौरान यहां गेट पर कोविड-19 हेल्प डेस्क बनाई गई थी। शुरुआत में सिपाही तैनात कर कोतवाली आने वाले फरियादियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाती थी। लेकिन अब न तो जांच हो रही है और न ही कोतवाली परिसर में कोविड-19 हेल्प डेस्क का पता है।
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नगर पालिका परिषद कार्यालय में ईओ दफ्तर के पास कोविड-19 हेल्प डेस्क बनाई गई थी। यहां हेल्थ डेस्क इन दिनों शोपीस बनी है। हेल्प डेस्क पर कर्मचारी बैठते ही नहीं हैं।
सदर तहसील में कोविड-19 हेल्थ डेस्क का शुभारंभ करने के दौरान बैनर लगाया गया था। कुछ दिन फरियादियों का चेकअप तो हुआ लेकिन बाद में कर्मचारी गायब हो गए। अब आलम यह है कि बैनर तो लगा है, लेकिन कर्मचारी जांच करने नहीं आते।
जिन स्थानों पर कोविड हेल्प डेस्क बनाई गई थी, उनके बारे में जानकारी की जाएगी। दफ्तरों में पहुंचने वालों लोगों को जांच कर बचाव करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।- डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ
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