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Auraiya News: सड़क सुरक्षा-इंतजामों पर नहीं ध्यान, सांसत में जान

Fri, 29 Sep 2023 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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लापरवाही........
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फोटो29एयूआरपी 12 - सुभाष चौराहा पर बिना जेब्रा लाइन के वाहनों के बीच से सड़क पार करतीं छात्राएं। संवाद
फोटो29एयूआरपी 13- यमुना रोड पर सड़क पार करता युवक। संवाद
-न जेबरा लाइन न ही फुटपाथों की जगह चिह्नित, सड़क पार करने में टकराने का रहता खतरा
-पूर्व में बनाई गई जेबरा लाइनों के साफ हो गए निशान, पीडब्ल्यूडी विभाग नहीं लेता है सुध
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। सड़क सुरक्षा की बैठकों में प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान बुनियादी व्यवस्थाओं से कहीं न कहीं भटकता नजर आ रहा है। यही वजह है कि जिले में औरैया शहर से लेकर अन्य कस्बों में न जेबरा लाइनें हैं, और न ही फुटपाथों की जगह चिह्नित है। व्यस्त चौराहों व तिराहों पर सड़क पार करना खतरे से खाली नहीं है।
शहर के सुभाष चौक, फफूंद चौराहा, देवकली खानपुर चौराहा, जालौन चौराहा समेत दिबियापुर बाईपास पर यातायात पुलिस की ओर से एक वर्ष पहले एनएचएआई से व्यक्तिगत अनुराेध करके पैदल राहगीरों के निकलने के लिए जेब्रा लाइन बनाईं गईं थीं। जो समय के साथ बारिश व वाहनों के आवागमन के चलते ये सफेद पट्टी सड़क से लापता हो चुकी है। जिसे दोबारा से सड़क पर उकेरा नहीं जा सका है।
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लापरवाही का आलम इस कदर हावी है कि इन व्यस्ततम चौराहों के पास न ही फुटपाथ निर्धारित हैं और न ही संकेतांक बोर्ड नजर आते हैं। स्पीड ब्रेकर भी कई जगह उखड़ चुके हैं। ऐसे में पैदल राहगीरों के सड़क पार करने पर जान का खतरा बना रहता है। आवागमन के दौरान वाहन से टकराने की घटनाएं भी आए दिन होती रहती हैं।
दिबियापुर, अजीतमल, बिधूना व अन्य कस्बों का हाल भी ऐसा ही है। जबकि जिले में 12 अतिव्यस्त चौराहे हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से जेब्रा लाइन व संकेतांकों को लेकर ध्यान न दिए जाने से सड़क सुरक्षा की मंशा कहीं न कहीं अधूरी है।
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स्कूलों की छुट्टी होने पर सबसे ज्यादा रहता खतरा
शहर के अतिव्यस्त चौराहा सुभाष चौक के आसपास चार शिक्षण संस्थान हैं। सुबह स्कूल खुलने व दोपहर में छुट्टी होने पर छात्र-छात्राओं का इस दौरान आवागमन ज्यादा रहता है। जेबरा लाइन धरातल पर न होने की वजह से जहां तहां बच्चे सड़क पार करते हैं। वाहन भी बेतरतीब ढंग से निकलते हैं। ऐसे में बच्चों के वाहनों से टकराने का खतरा बना रहता है। यातायात पुलिस कर्मियों की यहां तैनाती होने के बावजूद बच्चों की जान सांसत में रहती है। बुजुर्गों के लिए भी सड़क पार करना खतरे से खाली नहीं रहता।
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बेतरतीब तरीके से चालक चलाते हैं वाहन
शहर में बेतरतीब तरीके से वाहन व बाइक चलाते हुए चालक देखे जाते हैं। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। खासकर आड़ी तिरक्षी बाइक चलाने वाले लोगों से बच्चों व बुजुर्गों के टकराने का खतरा रहता है। शहर कस्बों में भीड़ को देखते हुए जेबरा लाइन, स्पीड ब्रेकर की जरूरत को पूरा किया जाना अहम है।
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बोले जिम्मेदार-
सड़क सुरक्षा के लिए मूलभूत इंतजाम सड़कों पर कराए जाएं इसे लेकर पीडब्ल्यूडी अभियंता को निर्देश दिए गए हैं। जेबरा क्रॉसिंग, स्पीड ब्रेकर व संकेतांक बोर्ड लगाए जाने के लिए कहा गया है। यातायात पुलिस की ओर से ट्रैफिक लाइटों को लेकर मिले प्रस्ताव पर मंथन चल रहा है। जल्द ही व्यस्ततम चौराहों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के काम शुरू कराए जाएंगे।- महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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