औरैया। जिले के 1516 परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत एक लाख 6 हजार 479 बच्चों को यूनिफार्म बांटी जा चुकी हैं। कोरोना के चलते परिषदीय स्कूलों में यूनिफार्म वितरण के दौरान ठेकेदारों और शिक्षकों की मनमानी पर भी सवाल उठे हैं। महज 85 परिषदीय विद्यालयों में स्वयं सहायता समूह को काम दिया गया। वहीं, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में धनराशि न मिलने के कारण यूनिफार्म वितरण नहीं बंट सकीं।
450 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से एक करोड़ 79 लाख 60 हजार 550 रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। ब्लॉक अजीतमल में केवल 75, ब्लॉक औरैया के तीन व ब्लॉक भाग्यनगर के दो स्कूलों का ही जिम्मा एनजीओ को सौंपा गया। बाकी का काम प्राइवेट फर्मों द्वारा निपटाया गया।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि फर्मों ने राजनीतिक रसूख व अधिकारियों से साठगांठ कर यूनिफार्म वितरण में जमकर मनमानी की है। जिसका असर यूनिफार्म की गुणवत्ता पर भी पड़ा। स्कूलों के न खुलने से इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंच सकी। एक अधिकारी ने बताया कि फर्मों द्वारा यूनिफार्म सीधे हेड मास्टर को स्कूल में हैंडओवर कर दी गई और चेक द्वारा भुगतान ले लिया गया। बाद में बच्चों को यूनिफार्म बांटी गईं। सहायता प्राप्त विद्यालयों को अभी यूनिफार्म नहीं बांटी जा सकी हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग सामुदायिक सहभागिता के जिला समन्वयक कप्तान सिंह का कहना है कि परिषदीय विद्यालय के एक लाख छह हजार 579 बच्चों को यूनिफार्म वितरित की जा चुकी है। इसका भुगतान सर्व शिक्षा अभियान के तहत किया जा चुका है। सहायता प्राप्त विद्यालयों के बच्चों के यूनिफार्म वितरण की डिमांड शासन को भेजी गई है। वहीं, प्रभारी बीएसए/डीआईओएस हृदय नारायन त्रिपाठी का कहना है कि यूनिफार्म वितरण की ज्यादा जानकारी नहीं है।