औरैया। औरैया से फफूंद जाने वाले प्रमुख मार्ग पर जगह-जगह सड़क बदहाल है। 16 किमी की यह सड़क वर्ष 2016 में 116 करोड़ की लागत से बनी थी। शेरपुर सरैया, देवरपुर और बर्मीपुर के पास सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों की मुश्किल और बढ़ गई है। वाहन चालकों को सड़क पर गड्ढे दिखाई नहीं देते और अचानक पहिया उसमें जाने से वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार वाहन पलटने की घटनाएं भी हो चुकी हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से सड़क को दुरुस्त कराने की प्रभावी पहल नहीं की जा रही है।
शेरपुर सरैया में सड़क पर करीब दो फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। पानी भरा होने से वाहन चालक अंदाजा नहीं लगा पाते कि गड्ढा कितना गहरा है। देवरपुर गांव के पास स्थिति इतनी खराब है कि सड़क के एक तरफ वाहन रुकने पर ही दूसरी तरफ से वाहन निकल पाते हैं। इससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने के साथ हादसे का खतरा भी बना रहता है। बर्मीपुर गांव के पास भी सड़क जगह-जगह टूट चुकी है। वाहन सवार अनिकेत सिंह ने बताया कि गड्ढे का अंदाजा न लग पाने से कार का एक पहिया उसमें चला गया और कार पलटते-पलटते बची।
शेरपुर सरैया निवासी सरनाम सिंह पाल ने बताया कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय गड्ढों को भरवाकर सड़क को तत्काल चलने योग्य बनाया जाना चाहिए।
इन जगहों की जोड़ता है यह मार्ग
अछल्दा, अजीतमल, बिधूना, रुरुगंज, एरवाकटरा, बेला, दिबियापुर, कन्नौज, कानपुर-इटावा हाईवे को जोड़ता है। इस सड़क से हर दिन एक हजार से ज्यादा वाहनों का आवागमन रहता है। इसमें गेल एनटीपीसी के वाहन सबसे ज्यादा गुजरते हैं।
इन सड़कों का भी हाल है बेहाल
औरैया-जालौन रोड
दिबियापुर बाईपास
ककोर से औरैया मार्ग
व्यय वित्त समिति से फफूंद-औरैया रोड शेरपुर सरैया, देवरपुर और बर्मीपुर के पास खराब सड़क को बनाने की स्वीकृति मिल गई है। वहीं अन्य सड़कों के लिए खाड़ी देशों के बीच चल रहे युद्ध के चलते डामर की समस्या आई है। जल्द ही सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा।
-अमर सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
देवरपुर गांव के पास सड़क पर हुए गड्ढे में भरा पानी। संवाद