गंगदासपुर पीएचसी में मरीजों को परामर्श देते डॉक्टर।
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औरैया। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर ढंग से मुहैया कराने के लिए हर रविवार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। लेकिन जरूरी स्टाफ के अभाव में आरोग्य मेला महज खानापूरी ही साबित रहा है। रविवार को आरोग्य मेलों की पड़ताल के दौरान चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। किसी केंद्र पर लैब टेक्ननीशियन (एलटी) न होने से बिना जांच के ही मरीजों को दवाएं दी गईं तो किसी केंद्र पर डॉक्टर के न आने के कारण फार्मासिस्ट ने ही दवा देकर मरीजों को चलता कर दिया। वहीं, विभागीय अधिकारी स्टाफ की कमी के बीच किसी तरह सेवाएं देने का हवाला दे रहे हैं।
अजीतमल ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंगादासपुर पर रविवार को एलटी नहीं पहुंचे। ऐसे में मरीजों की जांच नहीं हो सकी। मौजूद डॉ. सर्वेंद्र कुमार ने पीएचसी पर पहुंचे 34 मरीजों को परामर्श दिया। वहीं फार्मासिस्ट विवेक मिश्रा ने दवा वितरित की।
एरवाकटरा ब्लॉक की उमरैन पीएचसी पर रविवार को मरीज का उपचार फार्मासिस्ट के हवाले रहा। आरोग्य मेले में फार्मासिस्ट मनोज कुमार, लैब असिस्टेंट अतीकुर्रहमान समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहा। दोपहर 12 बजे तक कुल 11 मरीजों ने फार्मासिस्ट ने दवाएं बांटी। फार्मासिस्ट मनोज कुमार ने बताया कि बदलते मौसम के कारण सर्दी, जुकाम और सांस संबंधी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ककोर में डॉ. अरुण गुप्ता की जगह रामजी गुप्ता को नियुक्त किया गया है। जिनके साथ फार्मासिस्ट रजनीश रविवार को मौजूद रहे। डॉ. अरुण गुप्ता प्रशिक्षण की वजह से वैदिक इंटर कॉलेज में ड्यूटी लगी हुई है। एलटी दिव्या पाल रविवार को छुट्टी पर रहीं। ऐसे में आए हुए मरीजों को बिना जांच के ही दवा देकर चलता किया गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सौंधेमऊ में डॉ. जयवीर के साथ फार्मासिस्ट अनिल पाल मौजूद रहे। दोपहर तक 19 मरीज देखे गए। इसमें अधिकांश मरीज बुखार, खांसी और जुकाम के रहे। यहां लैब टेक्ननीशियन की तैनाती न होने के कारण मरीजों की जांच नहीं हो पाई।
स्टाफ की कमी है। अगर तय ड्यूटी के अनुसार आरोग्य मेले में स्टाफ नहीं पहुंचा है तो कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएमओ