फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: औरैया के देसी घी से महक रहे पड़ोसी जनपद

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। औरैया जनपद का देसी घी एक बार फिर अपनी महक पड़ोसी जनपदों में बिखेर रहा है। जिले में घी बनाने वालों के पास होली के लिए अभी से आर्डर आने शुरू हो गए हैं।
विज्ञापन

कभी घी की मंडी के नाम से मशहूर औरैया जिला शासन व प्रशासन की नजरें फिर जाने के चलते दम तोड़ने लगा था। इधर प्रदेश सरकार की ओर से जीबीसी के माध्यम से एक जिला एक उत्पाद को बढ़ावा देने को लेकर हर संभव दी जा रही मदद से घी का कारोबार एक बार फिर से अपनी खूश्बू बिखेरने लगा है यही कारण है कि आज शहर से लेकर जिलेभर में स्थित घी व मावे को तैयार करने वाली 100 से ज्यादा इकाइयों पर इन दिनों 24 घंटे काम चल रहा है।
होली पर्व पर मिष्ठान तैयार करने में प्रयोग किए जाने वाले शुद्ध देसी घी व मावे की महक प्रदेश ही नहीं पूरे देश में गूंज रही है। यही वजह है कि होली से पहले सैकड़ों की संख्या में बाहर से इन इन इकाइयों को आर्डर मिल रहे हैं। उद्यमियों की माने तो प्रदेश से लेकर देश में होली पर्व पर बनने जा रहीं मिठाइयों में औरैया के घी की महक उड़ेगी। यही वजह है कि अच्छी खासी डिमांड को पूरा करने के लिए इकाइयों में रात-दिन काम चल रहा है। पहले जहां लकड़ी की भट्टियों में दूध को गर्म करते हुए पकाया जाता था, अब इसे हाईटेक करते हुए मशीनें लगाकर भांप पर तेजी से तैयार किया जा रहा है। घी हो या मावा इसे मशीनों की सहूलियत मिल जाने से आसानी से तैयार किया जा रहा है। हालांकि उद्यमियों की माने तो डिमांड के सापेक्ष सामग्री को पहुंचा पाना मुश्किल हो पा रहा है। घी का भाव जहां इन दिनों 550 रुपये प्रति किलो चल रहा है, वहीं मावा 200 रुपये प्रति किलो चल रहा है। होली पर्व को देखते हुए अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
विज्ञापन


सीन-1
‘घी व मावा को लेकर होली पर्व को देखते हुए डिमांड बढ़ी है। जिसे पूरा करने के लिए काफी कुछ जद्दोजहद करनी पड़ रही है। हालांकि पहले के मुकाबले इस बार कारोबार भी ठीक है। वहीं कोयले की भट्टी के सापेक्ष भाप मशीन से घी व मावा तैयार करने में आसानी हो रही है। साथ ही इस बार बाहर से आर्डर भी ज्यादा मिल रहे हैं।’-नंदू गुप्ता, डेयरी संचालक
-
सीन-2
‘घी की सामान्य दिनों के मुकाबले अचानक से 15 दिनों के अंदर पांच गुना डिमांड बढ़ी है। कानपुर, लखनऊ, दिल्ली समेत देश के अन्य प्रांतों से भी आर्डर आ रहे हैं। फुटकर के साथ-साथ थोक बाजार काफी बेहतर हुआ है।’ लोन लेने में बैंकों की तरफ से आ रहीं अड़चनों को लेकर यदि सरकार कुछ हल निकाले तो यह कारोबार और भी अच्छा हो सकता है। - अनूप गुप्ता, घी विक्रेता
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें