औरैया। सड़क परिवहन विभाग और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे पर सबसे अधिक हादसों वाली जगहों को चिह्नित कर ब्लैक स्पॉट तो घोषित कर दिया है, लेेकिन जागरूकता के लिए कोई उपाय नहीं हुए।
औरैया में अजीतमल से लेकर औरैया, बिधूना, बेला, ऐरवाकटरा, दिबियापुर मार्ग, फफूंद रोड पर ऐसे 25 मौत के मुहाने हैं। इन मुहानों में पांच को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। वर्ष 2017 से जुलाई 2022 तक 1111 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। बावजूद इसके ब्लैक स्पॉट वाली जगह पर न तो कोई साइन बोर्ड लगाया गया है और न ही ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था हुई।
परिवहन विभाग के मुताबिक, औरैया कि जिन जगहों को परिवहन आवागमन के लिए खतरनाक बताया गया है। उनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-19 में अजीतमल के पास सागर होटल तिराहा, औरैया में मंडी गेट, इंडियन ऑयल व स्टेट हाईवे-234 पर दिबियापुर-बिधूना मार्ग की नकेड़ी पुलिया और चिरकुआ पुल शामिल हैं।
नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर मौतें
27 जुलाई को कलक्ट्रेट सभागार में प्रमुख सचिव परिवहन एल वेंकेटश्वर लू की अध्यक्षता में हुई बैठक में 2017 से मई 2022 तक दुर्घटना में हुईं 1111 मौतों का कारण पूछा गया था। तब वजह सामने आई ब्लैक स्पॉट पर साइन बोर्ड ही नहीं लगे हैं। इस पर प्रमुख सचिव परिवहन ने नाराजगी भी जाहिर की थी। इसके साथ ही ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर हादसे रोकने के लिए इंतजाम करने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
2017 से जुलाई 2022 तक दुर्घटनाओं के आंकड़े
वर्ष दुर्घटना मृत्यु
2017 423 206
2018 447 206
2019 448 200
2020 406 198
2021 495 218
2022 183 83
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जनवरी 2017 से जुलाई 2022 तक मृत्यु की वजह
सड़क दुर्घटनाओं के कारण कुल दुर्घटनाएं मृतक घायल
बिना हेलमेट के कारण 402 287 115
सीट बेल्ट न लगाने के कारण 221 164 57
तेज गति के कारण 678 483 195
गलत दिशा में चलने के कारण 107 78 29
झपकी व तकनीकी कमी 145 99 46
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कुल योग 1553 1111 442
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ब्लैक स्पॉट पर हुए हादसे
दिबियापुर-बिधूना मार्ग स्थित नकेड़ी पुलिया
दिबियापुर-बिधूना मार्ग पर चिह्नित किया गया यह ब्लैक स्पॉट काफी खतरनाक है। यहां पर 25 अप्रैल 2022 को तिलक नगर बिधूना निवासी इदरीश पुत्र इकबाल को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे मौत हो गई। इसी तरह पिछले छह माह में करीब 20 घटनाएं र्हुईं। इसमें चार मौतें हुईं और 11 लोग घायल हुए। हादसे की मुख्य वजह तीव्र रफ्तार और संकेतक लगा न होना माना गया।
औरैया-नेशनल हाईवे पर मंडी गेट
औरैया के मंडी गेट के पास का स्थान ब्लैक स्पॉट है। इस जगह पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। चार जून 2022 को सड़क पर खड़े होकर वाहन का इंतजार कर रहे जमालशाह निवासी अफजल (21) व उसके साथी ताहिर उर्फ राजा व सुमित गुप्ता को ट्रक ने रौंद दिया। जिसमें अफजल की मौत हो गई। इस जगह पर छह माह में 20 हादसे हुए, जिसमें पांच लोगों की जान गई और 15 घायल हुए। यहां पर अवैध कट और मोड़ पर संकेतक नहीं हैं।
औरैया-राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर इंडियन तिराहा
इंडियन ऑयल तिराहे की एक रोड औरैया शहर तो दूसरी इटावा हाईवे से कानपुर रोड को जोड़ती हैं। इस तिराहे पर कोई साइन बोर्ड नहीं लगा है। इस कारण लोग तेज रफ्तार से हाईवे से गुजरते वक्त हादसे का शिकार हो जाते हैं। 18 जून को मोहल्ला दयालपुर निवासी बिजली मिस्त्री अरविंद कुमार (40) पुत्र स्व. रामचंद्र शाक्य हाईवे पर डिवाइडर तोड़कर बनाए गए अवैध कट को पार कर रहा था। तभी इटावा की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे कुचल दिया।
एसपी चारू निगम का कहना है कि हादसों को रोकने के लिए यातायात पुलिस की ओर से कुछ जगहों पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं। अन्य जगहों पर लोक निर्माण विभाग को संकेतक लगाने के लिए कहा गया है। जल्द ही सभी जगहों पर साइन बोर्ड व संकेतक लग जाएंगेे। जल्द ट्रैफिक से संबंधित बैठक भी होनी है। उसमें यह मुख्य बिंदु रहेगा, जिससे हादसे रोके जा सकेंगे।
मंडी स्थल पर बने अवैध कट से निकलता बाइक सवार। संवाद- फोटो : AURAIYA
इंडियन ऑयल के पास कट पार कर निकलता बाइक सवार। संवाद- फोटो : AURAIYA