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मुझे कोख में मत मारो बाबुल...

Thu, 04 Feb 2016 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
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मुझे कोख में न मारो बाबुल, तेरे बेटों से भी आगे निकल सकती हूं मैं.. कविता के माध्यम से कानपुर की कवियत्री शिखा मिश्रा ने बेटियों की प्रतिभा से रूबरू कराया। वहीं फर्रुखाबाद के वरिष्ठ कवि रामेंद्र त्रिपाठी ने पढ़ा, बेटियां साधना, बेटियां उपासना, बेटियां पढ़ाइए, बेटियां बचाइए। बेटियां गंगा, यमुना, सरस्वती, तीर्थ अपनी बेटियों से मनाइए। मौका था महोत्सव में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के तत्वावधान में आयोजित कवि सम्मेलन का विषय बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ रहा।
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कार्यक्रम की शुरूआत जिला पंचायत अध्यक्ष राजवीर सिंह यादव ने किया। कानपुर की कवियत्री नीलम कश्यप ने मां सरस्वती की स्तुति में मात शारदे वर दे, मैं तो शीश नवाने आई हूं... काव्य पाठ कर  मंच को गति प्रदान की। इसके बाद छतरपुर मध्य प्रदेश से आए ओज के कवि अविराम पाठक ने तिरंगा पाकिस्तानी छाती में लहराएंगे... कविता के माध्यम से पाकिस्तान को नापाक हरकतों से बाज आने का संदेश दिया।

उन्होंने शहीदे आजम भगत सिंह की शहादत को याद करते हुए भारत का यह सैनिक फांसी पर चढ़कर जीत गया, भगत सिंह के साथ ब्रिटिश का न्याय सूली चढ़ गया। वीर रस कविता का पाठ किया। हरियाणा से आए हास्य व्यंग के कवि अरूण कुमार ने अपने चुटकलों से मौजूद दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने आपस में प्यार, भरा पूरा परिवार, संगीत में रियाज ढूंढते रह जाओगे हास्य कविता सुनाकर श्रोताओं को लोट-पोट कर दिया। मुजफ्फरनगर से आए साहित्यकार आजाद शत्रु ने वो धरती लाल गनन के तारे हो जाते, अगर देश की बात चले तो सब  दीवाने हो जाते... कविता सुनाई।
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सम्मेलन में स्थानीय कवि अजय शुक्ला अंजाम ने जिसे फहरा कर पूरा देश इतराता है गौरव से शहीदों के वतन पर वह  तिरंगा गर्व करता है... देश भक्ति को समर्पित कविता का पाठ किया। इस  मौके पर एडीएम अशोक सिंह, सीएमओ डा. एसबी मिश्रा, एसीएमओ डा. विनोद सागर,  डीसीएमओ डा.अशोक कुमार, डा. आर.ए कटियार, डा. हरीश द्विवेदी, डा. अरुण तिवारी आदि मौजूद रहे।
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