हरदू गांव में बना एमआरएफ सेंटर।
- फोटो : रक्तदाता को प्रमाण पत्र देते डीएम घनश्याम मीना व एसपी डॉ.दीक्षा शर्मा। संवाद
औरैया/बिधूना। शहर और कस्बे को साफ-सुथरा रखने और कचरा निस्तारण के लिए निकायों में एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं। इन पर लाखों खर्च किए गए थे। बावजूद इसके इनका प्रयोग नहीं हो रहा है।
सफाई के बाद निकलने वाला कचरा निस्तारण के लिए नहीं पहुंचता। कचरा डंपिंग ग्राउंड पर व सड़क किनारे फेंका जा रहा है। इससे भीषण बदबू उड़ रही है।
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नगर पालिका और नगर पंचायतों में सफाई के बाद निकलने वाले कचरा निस्तारण की व्यवस्था की गई थी। इसके निस्तारण के लिए सभी निकायों में लाखों की लागत से एमआरएफ सेंटर भी बनाए गए। बिधूना में भी एक करोड़ 20 लाख से एमआरएफ सेंटर वर्ष 2021 में बना था।
इस सेंटर की नगर से करीब 20 किमी. की दूरी होने से कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों पर अधिक डीजल खर्च आने से एक या दो गाड़ियों से ही कूड़ा एमआरएफ सेंटर पर जाता है। बाकी कूड़ा कस्बे में तहसील के पीछे जमा किया जा रहा है। एकत्र कूड़ा हवा चलने से नवीन बस्ती पश्चिमी व भरथना रोड के निवासियों के लिए मुसीबत बन जाता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष आदर्श कुमार मिश्रा ने बताया कि एमआरएफ सेंटर बिधूना से लगभग 20-22 किमी. दूर हरदू गांव के पास बना है। कूड़ा एमआरएफ सेंटर तक पहुंचाने के लिए बड़े वाहनों को खरीदने की तैयारी की जा रही है।
बताया कि अभी नगर पंचायत में छोटे वाहन होने के कारण कई -कई चक्कर लगाने से अधिक डीजल खर्च आ रहा है। तहसील के पीछे बका डंपिंग यार्ड कूड़े से भर गया है। ऐसी स्थिति में कूड़ा तहसील के पीछे खुले में पड़ रहा है। जल्द ट्रक खरीदने के बाद कूड़े को एमआरएफ सेंटर पहुंचाया जाएगा।