औरैया। दहेज की खातिर गर्भवती बहू की मारपीट कर हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र अदालत ने आरोपी सास की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने मामले के तथ्यों, आरोपों की गंभीरता और पीड़िता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इन्कार कर दिया।
बेला थाना क्षेत्र के गांव पुरवा दूजे का है। वादिनी सावित्री देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी बेटी मोहिनी की शादी 18 माह पहले शिवा दोहरे के साथ की थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति शिवा, ससुर जागेश्वर, सास मीरा देवी और ननद गुड़िया उसे अतिरिक्त दहेज और जमीन अपने नाम करवाने के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।
पीड़िता की मां का आरोप था कि आरोपी ससुरालजन मोहिनी पर उसके हिस्से की एक बीघा जमीन अपने नाम कराने और मकान निर्माण के लिए अतिरिक्त रकम दिलाने का दबाव बना रहे थे। मांग पूरी न होने पर 31 मई 2026 की रात आरोपियों ने गर्भवती मोहिनी के साथ मारपीट की और उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने महिला के कमजोर स्वास्थ्य, परिवार की गरीबी और मृतका द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात कहते हुए जमानत की मांग की। वहीं, शासकीय अधिवक्ता ने विरोध करते हुए कहा कि मृतका की मौत शादी के महज 18 महीने के भीतर ससुराल में हुई है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपराध बेहद गंभीर प्रकृति का है और विवेचना जारी रहने के कारण आरोपी सास मीरा देवी को जमानत पर रिहा करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है।