फफूंद। रमजान के तीसरे जुमे पर कस्बे की मस्जिदों में नमाजियों और रोजेदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नौजवानों व बुजुर्गों के साथ बड़ी संख्या में बच्चों ने भी अकीदत के साथ जुमे की नमाज अदा की।
उलमा-ए-किराम ने मगफिरत की फजीलत पर रोशनी डालते हुए लोगों को इबादत और खैरात की अहमियत बताई। शुक्रवार को जामा मस्जिद आस्ताना आलिया में जुमे की नमाज से पहले मौलाना सैयद मजहर मियां चिश्ती ने कहा कि रमजान रहमतों और बरकतों का महीना है। इसलिए इस महीने में ज्यादा से ज्यादा सदका और खैरात करनी चाहिए।
उधर, पीर बुखारी शाह मस्जिद में हाफिज सैयद अब्दुल्लाह मियां चिश्ती, जामा मस्जिद आस्ताना आलिया में पेश इमाम कारी अय्यूब चिश्ती और मदीना मस्जिद में मुफ्ती मुजीब साहब ने जुमे की नमाज अदा कराई।(संवाद)