फफूंद। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बंदरों और नीलगायों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है।
इन जंगली जानवरों के झुंड खेतों में घुसकर आलू, मटर, टमाटर और गेहूं की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान दिन-रात खेतों में रखवाली करने को मजबूर हैं। इससे उनमें आक्रोश बढ़ रहा है।
क्षेत्र के गांव कोठीपुर, भर्रापुर, अधासी, बिंदपुर, पसईपुर, दौलतपुर, जुआ, फूटाताल, मुड़ेना के किसानों ने बताया कि रात के समय नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर फसलों को रौंद देते हैं, जबकि दिन में बंदर पौधों को उखाड़कर और फलियां तोड़कर नुकसान पहुंचाते हैं। आलू, टमाटर और मटर की फसल में सबसे ज्यादा नुकसान कर रहे हैं।
फसलों की रखवाली के लिए रातों में जागकर पहरा देने से किसानों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। ठंड के मौसम में खुले खेतों में रुकना उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
कई बार जानवरों को भगाने के दौरान हादसे का भी डर बना रहता है। ग्रामीण रामभरोसे, सत्यप्रकाश, सुनील, दामोदर, रघुवीर, राजीव, शिवकुमार, तेजसिंह आदि ने वन विभाग ने इन जानवरों को पकड़वाने की मांग की है।
फोटो-12-फसल खराब करते बंदर। संवाद