औरैया। अस्पतालों में पहुंची एंटीजन किटें दो घंटे में समाप्त हो गईं। इसके कारण बिना जांच कराए सैकड़ों लोगों को लौटना पड़ा। भीड़ में सामाजिक दूरी भी टूटती दिखी।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार देर रात जिले में दो हजार एंटीजन किटें मिलीं थी। इन्हें सभी ब्लॉकों के अस्पतालों में भेजा गया। शनिवार सुबह कोरोना जांच के लिए टीमों के पहुंचने से पहले जांच कराने वालों की भीड़ रही। 50 शय्या अस्पताल में जांच कराने वालों की भीड़ नौ बजे से लग गई। 10 बजे पहुंचे स्वास्थ्यकर्मियों ने पहले पर्ची का वितरण किया।
इसके बाद जांच शुरू हुई। पर्ची और जांच काउंटर पर लोग कोविड गाइड लाइन भूल धक्कामुक्की करते नजर आए। कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण जांच के लिए 50 शय्या में सिर्फ एक सेंटर चला। सुबह लगभग 10 बजे जांच शुरू हुई और 12 बजे तक एंटीजन किटें समाप्त होने की बात कहकर टीमों ने जांच बंद कर दीं। इसके कारण मतगणना ड्यूटी में जाने वाले कर्मचारियों व प्रत्याशी व उनके समर्थकों को बिना जांच कराए घर लौटना पड़ा।
जांच के नाम पर 500 रुपये तक वसूले
50 शय्या अस्पताल में कुछ कर्मचारियों ने जांच रिपोर्ट निगेटिव देने के नाम पर लोगों से 200 से 500 रुपये तक वसूले। इन्हें दो मई को होने वाली मतगणना में शामिल होना है। वसूली पर जांच रिपोर्ट मिलने की जानकारी आसपास के ब्लॉकों तक जा पहुंची। जिसके कारण अजीतमल, भाग्यनगर के लोग भी यहां जांच रिपोर्ट बनवाने पहुंच गए।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि जांच कराने वालों की संख्या अधिक होने के कारण किटें जल्द समाप्त हो गईं। टीम एंटीजन किट लेने के लिए कानपुर भेजी गई है। वहां पर किटों का अभाव है। कम किटें मिलने से दिक्कतें आ रहीं हैं।
नहीं दिखी टीकाकरण की रुचि
बेला (औरैया)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को 45 वर्ष से अधिक उम्र का कोई व्यक्ति टीकाकरण कराने नहीं पहुंचा। इसके कारण बेला सीएचसी में टीकाकरण के लिए आईं पांच बायल वापस भेज दी गईं। एएनएम आरती देवी ने बताया कि अभी उनके पास युवाओं का टीकाकरण करने के लिए कोई आदेश नहीं है। सिर्फ 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। शनिवार को कोई टीकाकरण कराने के लिए नहीं पहुंचा। (संवाद)