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मनरेगा: मजदूर दिखाए 109, ऑनलाइन हाजिरी में फोटो 10 के

Fri, 13 Feb 2026 11:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। मनरेगा में पारदर्शिता लाने के लिए शुरू की गई ऑनलाइन हाजिरी मजाक बनकर रह गई है। 109 मजदूरों को काम पर दिखाने के बाद ऑनलाइन हाजिरी में सिर्फ 10 मजदूरों की फोटो ही अपलोड किए गए।
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विकास खंड एरवाकटरा की ग्राम पंचायत शेखूपुर में ऐसा ही खेल सामने आया है। अधिकारी भी आंख मूंदकर बैठे हैं। ग्राम पंचायत शेखूपुर में 31 जनवरी से अब तक मनरेगा के दो कच्चे कार्यों के लिए कई मस्टर रोल जारी किए गए। 31 जनवरी को रामप्रसाद के खेत से प्रदीप के खेत तक नाला खुदाई के नाम पर सात मस्टर रोल 2469 से 2475 तक जारी किए गए।
इनमें कुल 54 मजदूर काम पर दिखाए गए। ऑनलाइन हाजिरी में एक ही फोटो सभी में अपलोड कर दिया गया। केवल अलग-अलग मस्टर रोल में एक फोटो ही अपलोड नहीं किया गया, बल्कि कई दिनों तक यही फोटो अपलोड किया जाता रहा।
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वहीं दूसरा कार्य रवि ठाकुर के खेत से बरौना खुर्द सड़क तक दूसरे नाला कार्य के लिए आठ फरवरी को पांच मस्टर रोल 2568 से 2572 तक जारी किए गए। इनमें कुल 46 मजदूर दिखाए गए, लेकिन इन सभी मस्टर रोल में एक ही फोटो लगाया गया। इस फोटो में आठ-दस मजदूर ही नजर आ रहे हैं।
इस प्रकार दोनों कामों पर कुल 109 मजदूर दिखाए, लेकिन फोटो में वही गिने चुने 10 मजदूर ही नजर आए। फर्जीवाड़ा होने के बाद भी अफसर आंखें मूंदकर बैठे हैं।

एपीओ पर है निगरानी की जिम्मेदारी
सभी ब्लाॅकों में मनरेगा कार्यों की निगरानी के लिए अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी यानी एपीओ की तैनाती है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं है। एरवाकटरा में तैनात एपीओ नीरज सिंघानिया का कहना है कि फोटो अपलोड की जिम्मेदारी रोजगार सेवक की होती है। इसकी रैंडम जांच की जाती है। यदि एक ही फोटो अपलोड की गई है तो जांच कर डीसी मनरेगा और खंड विकास अधिकारी को अवगत कराकर कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी सामने आ चुका है फर्जीवाड़ा
ऐसा नहीं है कि पहली बार मनरेगा कार्यों की ऑनलाइन हाजिरी में फर्जीवाड़ा सामने आया है। इससे पहले भी ग्राम पंचायत बल्लपुर राजपुर में भी यही खेल किया गया था। जांच में फर्जीवाड़ा साबित होने के बाद उपायुक्त श्रम एवं रोजगार रामदुलार ने सभी मस्टर रोल शून्य करते हुए रोजगार सेवक से ऑनलाइन हाजिरी की जिम्मेदारी हटा ली थी, लेकिन इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने अन्य ग्राम पंचायतों की ऑनलाइन हाजिरी जांचने की परेशानी नहीं उठाई।


डीसी मनरेगा बोले, मौके पर काम से मतलब
मामले में जब उपायुक्त मनरेगा रामदुलार से बात की गई तो उन्होंने अलग ही बात बताई। उनका कहना था कि अगर मौके पर काम हुआ है तो ऑनलाइन हाजिरी का फोटो उनके लिए कोई मायने नहीं रखता है। वह बार-बार मौके पर काम को ही प्राथमिकता देते रहे।
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