सदर तहसील से बाहर जाती दर्जा प्राप्त मंत्री की कार
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राज्य परिषद की सलाहकार (दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री) राजकुमारी कुशवाहा ने अपने रिश्तेदार के खिलाफ आरसी जारी होने से इतनी खफा हुईं कि वह देर रात तहसील जा धमकीं। आरोप है कि उन्होंने तहसीलदार को धमकाया। अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा। राज्यमंत्री की धमकी से परेशान तहसीलदार का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।
सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम क्योंटरा निवासी राम आसरे कुशवाहा पर बिजली विभाग का करीब चार लाख रुपया बकाया है। आरसी जारी होने के बाद भी पैसा जमा नहीं करने पर मंगलवार को अमीन अशोक तिवारी राम आसरे को तहसील ले आए। तहसील में कारागार नहीं होने की वजह से लिखापढ़ी के बाद शाम को उसे छोड़ दिया गया। वह खुद को राज्य परिषद की सलाहकार (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) राजकुमारी कुशवाहा का रिश्तेदार बता रहा था।
कुछ देर बाद दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री नेे तहसीलदार को फोन कर खुद के सैफई से लौटने की बात बताई और हाईवे पर मिलने को कहा। तहसीलदार के मुताबिक उन्होंने खुद के पास गाड़ी नहीं होने की बात कहते हुए हाईवे पर मिलने से इनकार कर दिया। इस पर राज्यमंत्री ने तहसील में मिलने को कहा। मंत्री के निर्देश पर तहसीलदार तहसील खुलवाए। आरोप है कि कुछ देर बाद राज्यमंत्री राजकुमारी कुशवाहा वहां पहुंची। उन्होंने आरसी जारी करने की बात को लेकर डपटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने कार्रवाई की धमकी दी। इसके बाद चली गईं। तहसीलदार रामनयन का कहना है कि आरसी बकायेदारी में जारी हुई है। राज्यमंत्री की ओर से दी गई धमकी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।