औरैया। चिचौली मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग बाहर से चमचमाती है, लेकिन अंदर का नजारा अजीबो-गरीब है।
छह साल पहले एक मार्च 2019 को 100 बेड की महिला विंग वाली जिस बिल्डिंग का सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण किया था। वो आज कबूतरों का बसेरा बन गई है। जानकारों की माने तो सेहत के लिहाज से ये कबूतर कतई ठीक नहीं हैं। ये गंदगी तो फैलाते हैं, साथ ही संक्रामक बीमारियां भी देते हैं। फिर भी जिम्मेदार इसके प्रति गंभीर नहीं हैं।
जनपद के बाशिंदों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए चिचौली में पहले 100 बेड का जिला अस्पताल बनाया गया। शुरुआती दौर में यहां के लोगों को सुविधाएं मिलीं। आबादी बढ़ने के साथ ही दो साल पहले जिला अस्पताल को अपग्रेड कर नई बिल्डिंगों का निर्माण कराते हुए मेडिकल कॉलेज का दर्जा दे दिया गया। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी व महिला विंग की शिफ्टिंग कर दी गई। काफी कुछ सेवाएं नई बिल्डिंग में पहुंच गईं, लेकिन 100 बेड के अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में महिला विंग को रखा गया।
इस बिल्डिंग का लोकार्पण एक मार्च 2019 को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। उनका शिलापट भी लगा है। शुरुआती दौर में यह बिल्डिंग काफी चकाचक थी, लेकिन रखरखाव के अभाव में उसने बदहाली का रूप अख्तियार कर लिया। हालात यह हैं कि इस बिल्डिंग के छज्जों व एसी के ऊपर कबूतरों ने अपना बसेरा बना लिया है।
दिन हो या रात 24 घंटे वो वहां गुटरगू करते रहते हैं। साथ ही गंदगी भी फैलाते हैं। इससे अस्पताल में बेहतर इलाज के बजाय संक्रमण व बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। यही नहीं परिसर में बेंचे भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। साथ ही उनका कबाड़ भी परिसर में लगा है। अग्निशमन यंत्र के उपकरण से लेकर अलार्म खराब पड़े हैं। अगर कोई अनहोनी हो जाए तो अलार्म सिस्टम लोगों को अलर्ट भी नहीं कर पाएगा।