कंचौसी। दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव जमौली में सोमवार सुबह शहीद मोहित कुमार के घर में घुसकर आरोपियों ने परिवारीजन को पीट दिया। आरोप है कि पीटने के बाद घर में लूटपाट भी की।
घर में मौजूद महिलाओं से अभद्रता की गई। गांव में तनाव को लेकर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घायलों को पुलिस ने मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा है।
गांव जमौली निवासी शहीद मोहित की मां ज्ञानवती पत्नी सुभाष चंद्र ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह वह घर पर थीं। उनके देवर मलखान सिंह घर पर कुछ काम कर रहे थे तभी गांव के ही सात से ज्यादा लोग महिलाओं को लेकर घर में घुसकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर मलखान पर हमला कर दिया। वह देवर को बचाने पहुंचीं तो उन्हें भी पीट दिया। इस दौरान उनके कपड़े फट गए।
आरोप है कि घटना के बाद आरोपी उनका मोबाइल फोन व घर में रखे 10 हजार रुपये भी लूट ले गए। जाते समय रास्ते में मिले मलखान के छोटे भाई सर्वेश पर भी रॉड से हमला कर घायल कर दिया। घटना की जानकारी पर चौकी व थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। घटना में घायल भाभी व दो देवरों को उपचार के लिए सीएचसी भेजा। सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताता कि जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
रंजिश में वारदात को दिया अंजाम
कंचौसी। इस मामले में आठ मार्च को एक आरोपी ने गांव जमौली स्थित मंदिर के पास एक कुत्ते को वाहन से टक्कर मार दी थी। मंदिर के पुजारियों ने आरोपी को विरोध किया। इस दौरान शहीद का परिवार पुजारी के पक्ष में खड़ा हो गया। इसके बाद रविवार को उसी आरोपी ने झूला दुकानदार को कहासुनी के बाद पीट दिया। शहीद परिवार के लोग बीच बचाव करने पहुंचे गए। इन दोनों घटनाओं के बाद आरोपी शहीद परिवार से रंजिश मानने लगा था। सोमवार सुबह मौका मिलते ही आरोपियों ने घर में घुसकर घटना को अंजाम दे दिया। (संवाद)
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सात माह पहले शहीद हुए थे मोहित
सितंबर 2025 में मोहित की तैनाती सियाचिन में थी। इसी दौरान बर्फ की ढांग गिरने से वह दब गए थे। सेना के जवानों ने उन्हें बर्फ से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था।