बिधूना। बाजार में इन दिनों आम की काफी खरीदारी हो रही है। रोक के बावजूद भी आम को पकाने में कार्बाइड जैसे रासायनिक पदार्थ का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।
चिकित्सकों की मानें तो कार्बाइड से पके फल मानव शरीर पर कई तरह के दुष्प्रभाव डालते है। जबकि जिम्मेदार विभाग अभी तक जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है।
रोक के बाद भी व्यापारी आम, केला समेत अन्य फलों को कार्बाइड से पका रहे हैं। व्यापारी बाहर से कच्चे फल मंगाते है। उन फलों को दुकानों व गोदामों में कार्बाइड की पुड़िया बनाकर रख देते है। इसकी गर्मी से 12 से 24 घंटे में फल पककर तैयार हो जाता है।
इसके बाद व्यापारी बाजार में ग्राहकों को इन फलों को बेच रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो इसे खाकर लोगों का लिवर कमजोर हो जाता है। वहीं, आम दुकानदारों का कहना कि बाजार में बिकने वाले सामान्य केमिकल से ही फल को पकाया जा रहा है। उधर, खाद्य सुरक्षा विभाग अभी तक जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है।
हमेशा धुलकर ही करें फलों का सेवन
सीएचसी एरवाकटरा में तैनात ड़ॉक्टर एसपी सिंह ने बताया कि कार्बाइड से पकाए गए फलों की पहचान बेहद आसान है। केमिकल के पकाए गए फलों का रंग बेहद चटक होगा। इसे धुलकर ही खाना जरूरी है। अन्यथा इनके सेवन से पेट संबंधी समस्याएं, किडनी, एलर्जी व त्वचा संबंधी रोग हो सकते है। इसलिए इसके उपयोग से बचना चाहिए।
जनपद में अभियान चलाकर दुकानों से आम के नमूनों को भरकर जांच के लिए लैब भेजा जा चुका है। जांच रिपोर्ट अभी नही आई है। जल्द ही दोबारा से बिधूना क्षेत्र में अभियान चलाकर दुकानों से आम व अन्य फलों के नमूना भरकर जांच के लिए भेजे जाएगा। किसी भी हाल में लोगों की सेहत से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।- अनिल कुमार राय, खाद्य सुरक्षा व औषध प्रशासन।