औरैया। शहर में 17 वर्ष पहले सरेशाम महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी-2 विनय प्रकाश सिंह ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दो मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर पप्पू दही वाला और धीरज अवस्थी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। कानपुर रोड पर वर्ष 2008 में वारदात हुई थी।
वादी शहर निवासी पुत्तन शर्मा ने दर्ज प्राथमिकी में बताया था कि 12 अगस्त 2008 को वह मां माया देवी, भाई उत्तम के साथ घर से बाजार जा रहे थे। शाम साढ़े छह बजे कानपुर रोड निवासी पाल साहब के मकान के सामने हिस्ट्रीशीटर पप्पू दही वाला उर्फ हरीनारायण, धीरज अवस्थी और नीतू शुक्ला हाथ में तमंचा लेकर आए और उन पर फायर कर दिया। गोली लगने से उनकी मां की मौत हो गई। उसे व भाई को भी मारने का प्रयास किया गया। वादी के अनुसार जेल में बंद भाई बंटी से रंजिश के कारण मां की हत्या की गई। पप्पू दही वाला की वर्ष 2010 व धीरज अवस्थी की 2017 में मौत हो गई।
अजीतमल कोतवाली के गांव फूलपुर निवासी नीतू शुक्ला के खिलाफ सुनवाई चल रही थी। बृहस्पतिवार को अभियोजन की ओर से हत्या के दोषी पर कठोर कार्रवाई के लिए बहस की गई। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद कोर्ट ने नीतू शुक्ला को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद उसे इटावा जेल भेज दिया गया।