औरैया। बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को विशेष न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र पॉक्सो अधिनियम ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी मनोज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उसपर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
वारदात 27 मई 2019 की है। थाना अजीतमल क्षेत्र के अयाना रोड स्थित एक घर में करीब 11 साल की बालिका अकेली थी। उसके माता-पिता किसी कार्य से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान, पड़ोसी मनोज उर्फ भूरा ने बालिका को अकेला पाकर तमंचे के बल पर घर में प्रवेश किया और धमकी देकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बालिका की चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंची उसकी चचेरी बहन ने आरोपी को भागते हुए देखा था।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई की गई। अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, उसकी माता, चिकित्सक और विवेचकों समेत कुल छह गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। पीड़िता ने भी अपनी गवाही दी। वहीं, बचाव पक्ष ने झूठे साक्ष्य पेश कर आरोपी को बचाने की कोशिश की लेकिन साक्ष्यों और पीड़िता की गवाही के आधार पर न्यायालय ने उसे दोषी पाया।
न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर की श्रेणी में माना। न्यायालय ने कहा कि 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ कृत्य करने वाले अपराधी के साथ कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी को शेष जीवनकाल के लिए कारावास, 25 हजार रुपये का अर्थदंड, जिसे न चुकाने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास।
घर में घुसने के लिए पांच साल की कैद और धमकाने के मामले में तीन साल की सजा भी सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ चलेंगी। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को देने का आदेश दिया।