औरैया। गर्मी की दस्तक के साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। जगह-जगह जलभराव के चलते यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना तीन से चार मरीजों की जांच में मलेरिया की पुष्टि हो रही है। इन्हें उपचार के साथ ही मच्छरों से बचाव की सलाह दी जा रही है।
बढ़ते तापमान के बीच ठंडे पानी का सेवन इन दिनों लोगों को खांसी जुकाम, यहां तक कि बुखार की चपेट में ले रहा है। उधर मच्छरों का प्रकोप भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना 200 से ज्यादा मरीज खांसी, जुकाम और बुखार के पहुंच रहे हैं।
इन मरीजों में मलेरिया की भी पुष्टि होने लगी है। खून की जांच के बाद तीन से चार मरीजों में हो रही पुष्टि के बाद उपचार शुरू किया जा रहा है। कुछ मरीजों में तो प्लेटलेट्स की कमी भी पाई जा रही है। ऐसे में बेहतर खानपान के साथ ही साफ-सफाई पर ध्यान देने के लिए मरीजों को सलाह दी जा रही है।
डॉ. अपर्णा शंखवार ने बताया कि बुखार के काफी मरीज आ रहे हैं। कुछ मरीजों में मलेरिया की पुष्टि होने लगी है। ऐसे में जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। लोगों को मच्छरों से बचाव की सलाह दी जा रही है।
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मलेरिया बुखार के लक्षण
- सर्दी व कंपन के साथ एक-दो दिन छोड़कर बुखार आना।
- तेज बुखार, उल्टियां व सिर दर्द होना।
- बुखार उतरते समय शरीर का पसीना-पसीना होना।
- बुखार उतरने के बाद थकावट व कमजोरी आना।
मलेरिया बुखार से बचाव के उपाय
- बुखार आने पर रक्त की जांच कराएं।
- मलेरिया की पुष्टि होने पर नियमित रूप से दवा लें।
- घर, आस-पास व नालियों में पानी न जमा होने दें।
- पानी से भरे गड्ढों में मिट्टी भर दें।
- पानी के बर्तनों, टंकियों को ढक कर रखें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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मलेरिया मच्छर जनित बुखार है। ऐसे में मच्छरों से बचाव ही इससे बचने का एक मात्र विकल्प है। गर्मी बढ़ने के साथ ही मलेरिया के मामले बढ़ते हैं। सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वयं से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।
-डॉ. पवन कुमार शर्मा, सीएमएस मेडिकल कॉलेज