औरैया। बीहड़ में शुमार अजीतमल क्षेत्र अब नई इबारत लिख रहा है। कभी संसाधनों के अभाव में बंजर रहने वाली भूमि अब किसानों की खुशहाली का आधार बन रही है।
किसानों ने मक्का की खेती कर गौरव हासिल किया है। रविवार को सीएम ने स्थानीय किसानों की तारीफ की। जिले के अजीतमल में रविवार को किसान समृद्धि संकल्प अभियान के तहत मक्का पैदा करने वाले किसानों का सम्मान करने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की लगन और जज्बे की प्रशंसा कर उनका हौसला बढ़ाया। कहा कि अब मक्का क्रय केंद्र की स्थापना भी होगी और समर्थन मूल्य की घोषणा भी की जाएगी।
कभी यह इलाका सबसे उपेक्षित था। इस क्षेत्र में सिंचाई, खाद, बीज और उन्नतशील कृषि यंत्रों के अभाव के कारण किसान ज्यादातर बारिश पर आधारित फसलों तक सिमट कर जीवनयापन करता था।
क्षेत्र की निचली गंग नहर के आसपास के किसान ही गेहूं, धान और बाजरे की खेती तक सिमटे थे। जबकि यमुना पट्टी वाले बीहड़ क्षेत्र में दूर-दूर तक फसलों का नामो-निशान दिखाई नहीं देता था। बीहड़ इलाकों में जो सरकारी नलकूप थे, वह भी डकैतों की वजह से चलाए नहीं जाते थे।
देश में मोदी सरकार और राज्य में योगी सरकार के आने के बाद से क्षेत्र के दिन बहुर गए। सरकार ने सिंचाई से लेकर आधुनिक यंत्रों, बीज और कीटनाशकों पर अनुदान देकर किसानों की हौसला अफजाई की। कभी एक या दो फसलों तक सीमित किसान अब जायद समेत तीन फसलों का उत्पादन कर रहा है।
जायद में मूंग, मूंगफली के साथ बड़े पैमाने पर मक्का की फसल ने क्षेत्र की तस्वीर बदल डाली। इसकी सूबे के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही और सीएसए कानपुर के कुलपति प्रोफेसर डॉ. आनंद कुमार सिंह ने अजीतमल के मक्का किसानों की मेहनत की प्रशंसा खुले मंच से की। उन्होंने कहा कि जायद की फसल 35 से 42 डिग्री तापमान के दौरान उत्पादन करना किसानों के भरोसे का प्रतीक है।
मक्का की खेती का क्षेत्रफल
खरीफ की फसल में मक्का की खेती पूरे जिले में की जाती है। इसका कुल क्षेत्रफल 14,604 हेक्टेयर है। जबकि जायद की फसल सर्वाधिक अजीतमल तहसील क्षेत्र में की जाती है। इनमें अटसू और चकसत्तापुर इलाके अव्वल हैं। इनमें कुल क्षेत्रफल 4,155 हेक्टेयर है। यहां का किसान जायद की फसल में एक एकड़ क्षेत्रफल में 35 से 40 क्विंटल तक मक्का का उत्पादन करता है।