फोटो-10एयूआरपी 18- सिकुड़े मैनपूठ नाले में फंसा कूड़ा। फाइल फोटो
औरैया। दिबियापुर कस्बा में मैनपूठ नाला अतिक्रमण की चपेट में है। इससे यहां की जलनिकासी नहीं हो पा रही है। जलनिकासी के अभाव में कस्बा से सटे घेरा, कैंझरी व जमुहां गांव में 200 बीघा खेत डूबे हैं। ऐसे में वर्ष 2019 से इन खेतों में फसलें नहीं उग पा रही हैं। किसानों का आरोप है कि यहां की जलनिकासी के लिए जिम्मेदार मैनपूठ नाले की जद में मकान ही नहीं कई नामी गिरामी प्रतिष्ठान भी आ रहे हैं। जिन्हें बचाने के प्रयास में नाले का दारा जलनिकासी के अनुकूल पर्याप्त चौड़ा नहीं कराया जा रहा है।
घेरा निवासी नागेंद्र सिंह, बलवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, मुकेश पाल, अभय पाल, सर्वेश कुमार ने बताया कि तीन गांव के साथ-साथ दिबियापुर कस्बा का पानी मैनपूठ नाले के सहारे निकलता है। कागजों में मैनपूठ नाले की चौड़ाई आठ फीट तक है लेकिन कई लोगों ने नाले पर अतिक्रमण कर लिया है। नाले पर पटान के साथ ही इसे सीमित कर दिया है।
नाले की जद में घरों के साथ-साथ बड़े प्रतिष्ठान जैसे पेट्रोल पंप और कई बड़ी-बड़ी दुकानें भी आ रही हैं। सफेदपोशों का इस मामले में सीधा हस्तक्षेप है। आठ फीट का मैनपूठ नाला कई जगह पर महज दो और डेढ़ फीट का रह गया है। ऐसे में जलनिकासी अवरुद्ध है। साल 2019 से जलभराव का यह कोढ़ लगातार बना हुआ है। फिर भी इस मामले में कोई भी सरकारी अमला ध्यान नहीं दे रहा है।
फोटो-10एयूआरपी 18- सिकुड़े मैनपूठ नाले में फंसा कूड़ा। फाइल फोटो