जालौन जिले की सीमा पर स्थित यमुना का पानी इन दिनों काफी दूषित है। यमुना की साफ-सफाई के लिए न तो समाजसेवी संस्थाएं आगे आईं और न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कोशिश की। इससे मकर संक्रांति पर्व पर श्रद्धालु मैली यमुना में डुबकी लगाने के लिए मजबूर होंगे।
शनिवार को मकर संक्रांति पर्व है। इस दिन श्रद्धालु गंगा, यमुना व अन्य नदियों में स्नान करते हैं। शहर से महज पांच किमी दूर यमुना नदी के तट पर मकर संक्रांति के दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ होती है। पर्व को लेकर यमुना के घाटों पर साफ सफाई के खास इंतजाम नहीं किए गए। घाट गंदगी से पटे हैं। शहर का गंदा पानी इसी यमुना में पहुंच रहा है। इससे यमुना का जल आचमन लायक भी नहीं है।
कुछ दिन पहले अनोखी पहल संस्था ने यमुना तट की सफाई के लिए प्रयास किया था। यह अभियान बीच में ही ठप हो गया। संस्था ने प्रशासनिक अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई थी। कोई भी प्रशासनिक अधिकारी आगे नहीं आया। इससे घाटों की गंदगी साफ नहीं हो सकी। इससे मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं को मैली यमुना में ही डुबकी लगानी होगी।