औरैया। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) मनराज सिंह ने थाना फफूंद क्षेत्र में करीब नौ वर्ष पूर्व एक किशोरी का अपहरण व दुष्कर्म करने के मामले में दोषी अनिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। मामले के सह अभियुक्त नंदलाल के उपस्थित न होने पर उसकी पत्रावली पृथक कर दी गई।
वादी ने थाना फफूंद में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 25 जनवरी 2015 को निमंत्रण में बाहर चला गया था। उसकी पत्नी काम में व्यस्त थी। तभी शाम सात बजे उसकी नाबालिग पुत्री शौच के लिए घर से निकली, जो काफी देर तक वापस नहीं आई। वह पुत्री को ढूंढने के लिए घर से निकले। गांव वालों ने बताया कि पुत्री बाइक से नंदलाल निवासी इटावा व अनिल निवासी शेरपुर सरैया के साथ गई है। इस सूचना पर वादी ने थाना फफूंद में केवल एक आरोपी अनिल के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया।
पुलिस ने भी विवेचना कर उसी के विरुद्ध चार्जशीट प्रस्तुत की। धारा 319 के तहत न्यायालय ने सुनवाई के लिए सहअभियुक्त नंदलाल को तलब किया। न्यायालय में उपस्थित न होने के कारण उसकी पत्रावली पृथक कर दी। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) की कोर्ट में चला।
गुरुवार को इसका निर्णय हुआ। अभियोजन की ओर से हवस पूर्ति हेतु नाबालिग कन्या से सामूहिक दुष्कर्म करने वालों को कठोर दंड देने की बहस की गई। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से उसे निर्दोष बताकर सजा कम करने की मांग की गई।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मनराज सिंह ने अभियुक्त अनिल निवासी शेरपुर सरैया (फफूंद) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया।
अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने प्रस्तुत मामले में जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देेने का आदेश दिया।