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Auraiya News: सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास

Thu, 23 Jul 2026 12:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। सात साल की मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई। छह पुराने इस मामले का फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने रामदत्त पर 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी ने कोतवाली अजीतमल को मुकदमा दर्ज कराया था कि दो मई 2020 को उसकी सात वर्षीय बेटी को आरोपी रामदत्त रुपये का लालच देकर बंबे के पार नाली के किनारे ले गया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी बीच गांव के लोग वहां पहुंच गए तो आरोपी मौके से भागने लगा।
लोगों ने उसे पकड़ लिया तभी आरोपी के घर के लोग वहां पहुंच गए और लाठी, ईंट, पत्थर से हमला कर दिया। इससे ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में पहले छेड़छाड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था जिसे पीड़िता के बयान के बाद दुष्कर्म में बदल दिया गया। सजा सुनाए जाने के बाद रामदत्त को इटावा जेल भेज दिया गया।
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कार से चेन व नकदी चोरी के आरोपी को मिली जमानत
औरैया। दिबियापुर थाने से जुड़े चोरी के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने आरोपी शिवा को जमानत दे दी है। आरोपी पक्ष की दलीलों और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने यह आदेश दिया।
थाना क्षेत्र के गांव परसाद का पुरवा निवासी अंकित कुमार ने थाना दिबियापुर में 11 जुलाई 2026 को लिखित तहरीर दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार, वह छह जुलाई को गांव से बरात में गया था। रात में कार से लौट रहा था। कार में उसके साथ भोला, अमित और टिंकू भी बैठे हुए थे। इसी दौरान कंचौसी से परसाद पुरवा जाते समय रास्ते में आरोपी शिवा ने मौका पाकर उसके गले की चेन और जेब में रखे 23600 रुपये पार कर दिए थे।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। घटना छह जुलाई की है जबकि रिपोर्ट 11 जुलाई को दर्ज कराई गई। आरोपी बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है। गिरफ्तारी के समय जनता का कोई स्वतंत्र गवाह भी मौजूद नहीं था।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने आरोपी शिवा का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने आदेश दिया कि आरोपी 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि का एक जमानतगीर संबंधित मजिस्ट्रेट की संतुष्टि पर दाखिल कर जेल से रिहा हो सकता है। (संवाद)
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