औरैया। विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति) अत्याचार निवारण अधिनियम सैफ अहमद ने थाना अछल्दा क्षेत्र के ग्राम नगला जसोदा में जमीन विवाद को लेकर गोली मार हत्या करने व घायल करने के मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास व एक-एक लाख के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी ओंकार तिवारी व सतींद्र स्वरूप दीक्षित ने बताया कि इस मामले की वादिनी राजकुमारी ने थाना अछल्दा में रिपोर्ट लिखाई। बताया कि आठ जून 2017 की दोपहर डेढ़ बजे उसके पति लज्जाराम व जेठ ह्रदयराम अपने मकान के पीछे खाली जगह पर मिट्टी का भराव कर रहे थे। तभी उनके गांव के ही परिजन कुलदीप उर्फ गुड्डू, संजीव उर्फ लकी, अतराम व बलराम अपने अपने हाथों में तमंचा, कुल्हाड़ी व लाठी लेकर आ गए आैर एकराय होकर हमला बोल दिया। हमलावरों ने लज्जाराम, हृदयराम व रवि को गोली मारी। जिससे लज्जाराम की मौके पर ही मौत हो गई थी। वादिनी की तहरीर पर चारों के खिलाफ हत्या व प्राणघातक हमले का मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना कर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। इस मुकदमें का अपर जिलाजज सैफ अहमद की कोर्ट में सोमवार को फैसला हुआ। अभियोजन अधिकारी आेमकार तिवारी व अधिवक्ता सचींद्र सररूप दीक्षित ने हत्या के आरोपियों को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने सभी निर्दोष बताते हुए पारिवारिक विवाद की लड़ाई बताई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट सैफ अहमद ने चारों दोषियों आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। सभी पर एक-एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि मृतक लज्जाराम की पत्नी राजकुमारी को बतौर मुआवजा देने के निर्देश दिए। अर्थदंड अदा न करने पर तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। चारों दोषियों को सजा के बाद जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।