औरैया। चिचौली मेडिकल कॉलेज की महिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की बिजली व्यवस्था खराब होने से सोमवार को हड्डी, ईएनटी और सर्जरी विभाग के ऑपरेशन नहीं हो सके। वहीं, बारिश के बाद ओटी से पानी टपकने के साथ ही महिला अस्पताल की सीवरेज लाइन भी चोक हो गई है। लेबर रूम में गंदा पानी टपकने से प्रसूताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। शासन ने चार साल पहले बिल्डिंग की खामियां दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी को दो करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन विभाग ने काम बीच में ही छोड़ दिया था।
महिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में ओपीडी शुरू हो गई है, लेकिन वार्ड का संचालन नहीं हो पा रहा है। प्रसूताओं को पुरानी बिल्डिंग के पहले और दूसरे फ्लोर पर भर्ती किया जा रहा है। यहां 150 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। बिल्डिंग की सीवरेज व्यवस्था भी पूरी तरह बदहाल है। कई जगह पाइप चोक हैं। सीवरेज लाइन का गंदा पानी लेबर रूम में टपकता रहता है। इसके चलते प्रसव के लिए इस्तेमाल होने वाला एक कमरा छह माह पहले बंद करना पड़ा था। वार्ड में भर्ती मरीजों को शौच के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
हाल ही में तीन दिन लगातार हुई बारिश के बाद ओटी के जनरेटर की लाइन में फॉल्ट हो गया था। फिलहाल ओटी की मशीनें बिजली लाइन के सहारे चलाई जा रही हैं। बड़े ऑपरेशन के दौरान बिजली गुल होने पर मरीज की हालत बिगड़ने का खतरा रहता है। इस कारण सोमवार को हड्डी, ईएनटी और सर्जरी विभाग के ऑपरेशन नहीं किए गए। मरीजों को फोन पर तीन दिन बाद की तारीख दी गई।
बिल्डिंग की वाटरप्रूफिंग, सीवरेज, पाइप और अन्य मरम्मत कार्यों के लिए शासन ने चार साल पहले पीडब्ल्यूडी को दो करोड़ रुपये दिए थे। कुछ काम कराने के बाद विभाग ने यह कहते हुए काम बंद कर दिया था कि कार्यदायी संस्था पीएसपी काम करेगी। इसके बाद पत्राचार चलता रहा। प्रमुख सचिव और जिलाधिकारी के दखल के बाद प्राचार्य ने पीडब्ल्यूडी से दोबारा काम शुरू कराया है। फिलहाल फर्श का काम कराया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में चार मॉड्यूलर ओटी बने हैं। पुराने अस्पताल की ओटी की तुलना में ये बेहतर हैं। नए भवन में ओटी शुरू करने के लिए एनेस्थीसिया और स्त्री रोग विभाग के अध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी गई है।
वर्जन
ओटी में जरूरी वायरिंग की मरम्मत के लिए तार मंगवाया गया है। मंगलवार को समस्या दूर करा दी जाएगी।
- डॉ. पवन कुमार शर्मा, सीएमएस
पीडब्ल्यूडी ने बिल्डिंग में वाटरप्रूफिंग का काम शुरू करा दिया है। नए भवन में ओटी चलाने के लिए स्त्री रोग और एनेस्थीसिया विभागाध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मुकेशवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज