औरैया। इसे लापरवाही कहेंगे या कुछ और। दिबियापुर से सटे तीन गांवों घेरा, कैंझरी और जमुहां की करीब 200 बीघा खेतिहर जमीन जलमग्न है। इसे छह साल होने को हैं, लेकिन चुनाव में वोट मांगने वाले नेताआें को भी यह समस्या दिखाई नहीं दे रही।
दिबियापुर नगर पंचायत क्षेत्र से होने वाली जलनिकासी के कारण इन गांवों की यह समस्या विकराल होती जा रही है। खेत जलमग्न होने से किसान अपने खेतों में फसल भी नहीं उगा पा रहे हैं।
इस समस्या को लेकर वो सरकारी तंत्र से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है। लोगों का कहना है कि चुनाव के बाद नेता मुंह मोड़ लेते हैं, प्रशासन भी उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है।
शहर में रह रहे
घेरा में पुश्तैनी जमीन जलमग्न है। शहर में रह रहे हैं। नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों ने इस समस्या को दूर कराने का खूब आश्वासन दिया, लेकिन चुनाव के बाद जनप्रतिनिधि बनकर पीछे मुड़कर नहीं देखा है। -वीरेंद्र सिंह
जलनिकासी ठीक नहीं
चार बीघा खेत जलमग्न है। नगर पंचायत की ओर से महज नाले की सफाई कराई जा रही है। सफाई कराने के बाद भी जलभराव है। जल निकासी ठीक कराने को लेकर कोई जहमत नहीं उठा रहा है।- गजेंद्र सिंह
नाला चार फुट बचा
अपने कार्यकाल के दौरान नाले की सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए हर जरूरी कदम उठाते थे, लेकिन वर्तमान समय में यह नाला आठ फुट की बजाय चार फुट रह गया है। ऐसे में जलभराव की समस्या तो बनेगी ही।
-अरविंद पोरवाल, पूर्व चेयरमैन दिबियापुर
प्रस्ताव की स्वीकृति का इंतजार
घेरा, जमुहां, कैंझरी के साथ-साथ विकासकुंज व गुंजनरोड पर भी जलभराव की समस्या रहती है। चेयरमैन बनने के बाद पहला प्रस्ताव नाला निर्माण का चार करोड़ का बना था। जिसे शासन से मंजूरी नहीं मिल सकी है। दोबारा से प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने का इंतजार है। नगर पंचायत के साथ-साथ सिंचाई विभाग लगातार इस नाले की सफाई करा रहा है।
-राघव मिश्रा, चेयरमैन दिबियापुर