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Auraiya News: फर्जी दस्तावेजों से हथियाई जमीन फिर पेट्रो केमिकल्स को बेची

Wed, 15 Oct 2025 11:18 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। सदर तहसील के वैसुंधरा में पहले फर्जी दस्तावेजों से लोगों ने जमीन हथियाई। फिर वही जमीन पाता पेट्रो केमिकल्स को फैक्टरी लगाने के नाम पर बेच दी। इसके एवज में उनसे करीब 50 करोड़ सरकारी रकम डकार ली। जमीन फर्जीवाड़े में एसडीएम कोर्ट के आदेश पर जमीन न सिर्फ ग्रामसभा में दर्ज हुई बल्कि 55 लोगों के खिलाफ दिबियापुर थाना में एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। अब जिला प्रशासन सरकारी मुआवजा डकारने वालों से रिकवरी करने की तैयारी में है। खास बात तो यह है कि इस फर्जीवाड़े में कई रसूखदार भी शामिल हैं।
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सदर तहसील के गांवों में साल 1987-88 में चकबंदी प्रक्रिया अपनाई गई थी। इस प्रक्रिया में वैसुंधरा मौजा भी शामिल रहा। सरकारी मशीनरी में सेंधमारी कर चकबंदी प्रक्रिया के दौरान 55 लोगों ने जोत चकबंदी आकार पत्र-45 में पहले अपने नाम चढ़वाए। फिर उस पर काबिज हो गए। इसी बीच औरैया के दिबियापुर इलाके में पाता पेट्रो केमिकल्स की फैक्टरी आई। उस समय फैक्टरी लगाने के लिए इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों से हथियाई गई जमीन उसे बेच दी। साथ ही उससे अधिग्रहित की गई जमीन का 50 करोड़ का मुआवजा ले लिया।
इस फर्जीवाड़े को लेकर अमर उजाला ने वर्ष 2024 में मुहिम छेड़ी। मामला सुर्खियों में आया तो डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जांच बैठाई। छह सदस्यीय राजस्व टीम ने धरातल पर पहुंचकर जमीन का इतिहास खंगाला तो फर्जीवाड़े की परतें उधड़ने लगीं। जांच टीम की रिपोर्ट आने पर सदर एसडीएम कोर्ट में वाद दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान पहले चरण में 30 अक्तूबर 2024 को सदर एसडीएम कोर्ट में 4.73 एकड़ से जुड़ा आठ लोगों का मामला दर्ज हुआ था। 24 तारीखों के बाद तत्कालीन एसडीएम सदर राकेश कुमार ने फैसला सुनाया। फैसले में उन्होंने 4.73 एकड़ जमीन को ग्राम सभा की बंजर जमीन में दर्ज करने का आदेश दिए थे।
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आदेश पर जमीन ग्राम सभा में दर्ज की गई। साथ ही डीएम के आदेश पर क्षेत्रीय लेखपाल अभिनव कुमार ने 26 जून 2025 को दिबियापुर थाना में 55 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब इस मामले में अब फर्जी तरीके से हड़पी गई जमीन को पाता पेट्रो केमिकल्स को बिक्री करने वाले रडार पर लिए गए हैं। उनसे वसूली की जाएगी। इसे देखते हुए डीएम के निर्देश पर इटावा जिला प्रशासन से जमीन अधिग्रहण संबंधी कागजात मांगे गए हैं।
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इन पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
वैसुंधरा में हुए जमीन फर्जीवाड़ा मामले में रामजानकी पत्नी राधेश्याम, दर्शनलाल पुत्र गणेश प्रसाद संजीव कुमार व जगजीवनराम, दीक्षा, शिवम सहारा, कमलादेवी पत्नी सुल्तान सिंह, संजीव कुमार, बदन सिंह, किरन कुमारी, दिनेश व सतीश, कलावती, सत्येदव, सुरेश चंद्र व महेश चंद्र, गंगा देवी, थान सिंह, चेतराम, रमेश चंद्र, सुभाष चंद्र व रविंद्र सिंह पुत्रगण लालाराम, शिवम नावा, शिवानी व आरूषी, लता मंजेश, राजेश ,देवेंद्र व अशोक, दर्शन सिंह, राकेश बाबू, रामकिशोर, बृजकिशोर पुत्रगण नाथूराम, रामवीर सिंह दत्तक, प्रेमवती पत्नी रमेश चंद्र, अजय कुमार, जसवंत सिंह, नरेंद्र सिंह, मुकुट सिंह, रामवीर सिंह, पदम नारायण व रवि सिंह, स्वदेश बाबू, रामदास व लक्ष्मीनारायण, बृजेंद्र कुमार, अवधेश कुमार व दीपक कुमार, दशरथ , शिवकृष्ण, श्रीकृष्ण, हरीकृष्ण व सर्वेश कुमार, त्रिवेणी देवी पत्नी गंगा नारायण शामिल थे।

इन्होंने पाता पेट्रो केमिकल्स को बेची थी जमीन
फूलन देवी, राजीव कुमार, सुशील कुमार, राम प्रकाश, मीरा देवी, थान सिंह, रामस्वरूप, ओमप्रकाश व बंगाली सिंह।
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तत्कालीन अफसरों पर भी गिर सकती है गाज
पाता केमिकल्स फैक्टरी स्थापना के लिए जमीन अधिग्रहण के समय जिन अफसरों की तैनाती थी, उनकी गर्दनें भी फंसी हैं। फर्जीवाड़ा कर रेवड़ी की तरह जमीन बांटने वाले अफसर भी रडार पर है। खास बात तो यह है कि कुछ अफसर रिटायर भी हो चुके हैं तो कुछ अभी भी अन्य जिलों में तैनात हैं।
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हड़पी जमीन ब्याज समेत वसूली जाएगी
फर्जी तरीके से जमीन हड़पने के बाद जिन लोगों ने पाता पेट्रो केमिकल्स को जमीन देकर मुआवजा लिया था। उन लोगों से अब हड़पी गई रकम की ब्याज समेत वसूली की जाएगी। इटावा जिला प्रशासन से जमीन अधिग्रहण से संबंधित कागजात मंगाए गए हैं। इसके आने के बाद संबंधित की आरसी जारी की जाएगी।
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-डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी औरैया
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