औरैया। सेवा पखवाड़े के तहत महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं देने के लिए चलाए गए स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का कुछ जगहों पर कोरम पूरा किया जा रहा है। शुक्रवार को बिधूना क्षेत्र के गांव असजना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के हालात चौंकाने वाले रहे। लैब टेक्नीशियन स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचा जिसकी वजह से मरीजों की खून की जांच नहीं हो पाई। महिलाएं सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक इंतजार करती रहीं अंत में खाली हाथ बगैर जांच लौटना पड़ा।
सुबह नौ बजे ही मरीज असजना पीएचसी पहुंचना शुरू हो गए। दोपहर 1:10 बजे तक 17 मरीज जांच कराने पहुंचे। लैब टेक्नीशियन की मौजूदगी न होने से वह घंटों इंतजार के बाद बिना जांच कराए ही लौट गए। वहीं, फफूंद पीएचसी व दिबियापुर सीएचसी में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। किट से सभी मरीजों की जांच की गई। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर टाइफाइड, मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, बलगम, हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, पेशाब से गर्भ की जांच, ग्लूकोज समेत अन्य जांचों की सुविधा के साथ आयरन, कैल्सियम समेत अन्य दवा भी स्टाॅक में मिलीं। वहीं, कई आरोग्य मंदिरों में सीएचओ की तैनाती न होने से ताले बंद रहे।
फोटो-19एयूआरपी17- अर्बन पीएचसी में महिला का किया जाता वजन माप। संवाद
शहर की अर्बन पीएचसी में भी वजन के साथ किट से हुई जांच
शहर की बनारसीदास अर्बन पीएचसी में तीसरे दिन भी मरीज जांच कराने पहुंचे। पहले दिन 66 दूसरे दिन 53 व शुक्रवार को 51 मरीज पहुंचे। डेंगू, टाइफाइड, चचिकुनगुनिया समेत अन्य मरीजाें की जांच किट के जरिए की गई। गर्भवती महिलाओं को आयरन व कैल्शियम दी गई।
मॉनीटरिंग में आधार बना रोड़ा, 50 फीसदी ऑफलाइन इलाज
17 सितंबर से दो अक्तूबर चल चलाए गए स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में कितने मरीजों को लाभ मिला, पोर्टल के जरिए स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है। मरीजों के लिए आधार व आयुष्मान कार्ड को अनिवार्य किया गया है। हालांकि मरीजों को इसकी जानकारी न होने से वह खाली हाथ ही सीएचसी व पीएचसी पहुंच गईं। जो महिलाएं आधार और आयुष्मान कार्ड लेकर नहीं पहुंची उनकी जांच तो की गई पर पोर्टल पर इनकी फीडिंग न कर ऑफलाइन इलाज किया गया। शहर की बनारसी दास अर्बन पीएचसी के एमओआइसी डाॅ. शशांक ने बताया कि मरीजों से अपील की जा रही है कि वह अपना आधार व आयुष्मान कार्ड लेकर ही जांच कराने के लिए आए।
बोले सीएचसी अधीक्षक
सीएचसी बिधूना के अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने बताया कि बिधूना अस्पताल में 300-400 मरीजों की भीड़ होने से लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी बिधूना अस्पताल में लगा दी गई थी। असजना पीएचसी में लगातार कम मरीज पहुंचने पर यह निर्णय लिया गया। यदि असजना पीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ती है तो शनिवार को वहां लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी लगाई जाएगी।
फोटो-19एयूआरपी15- असजना पीएचसी में आयोजित शिविर में पसरा सन्नाटा। संवाद