थाना क्षेत्र के गांव मुढ़ी खोयला में घर में लिपाई के लिए मिट्टी खोदते वक्त टीला ढहने से दो बालकों की मौत हो गई। जबकि अन्य दो गंभीर रूप से घायल हो गए । एक बालिका को गंभीर हालत में सैफई रेफर किया गया है।
गांव मुढ़ी खोयला निवासी जगदीशचंद का पुत्र हर्ष (सात), पुत्री शबनम (नौ),पड़ोसी मिथलेश कुमार का पुत्र कृष्णा (चार) और जितेंद्र की पुत्री पारुल (11) सोमवार सुबह करीब आठ बजे घर में लिपाई के लिए गांव के बाहर स्थित टीले से मिट्टी खोदने गए थे । मिट्टी खोदते समय अचानक टीला ढह गया।
इससे चारों बच्चे मिट्टी के ढेर में दब गए । बच्चों की चीख-पुकार सुन आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए । सूचना पर पहुंची आकस्मिक स्वास्थ्य सेवा की एंबुलेंस ने घायल बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डाक्टरों ने हर्ष और कृष्णा को मृत घोषित कर दिया।
जबकि शबनम को गंभीर हालत में सैफई रेफर कर दिया गया । पारुल का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। टीला ढहने की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर जितेंद्र श्रीवास्तव, सीओ अजीतमल जीडी मिश्रा और तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर लोगों से घटना की जानकारी ली । इधर हादसे में हर्ष और कृष्णा की मौत होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया
घर का इकलौता चिराग था कृष्णा
टीला धंसने से हुई मिथलेश कुमार के चार वर्षीय पुत्र की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। कृष्णा मिथलेश कुमार का इकलौता पुत्र था। कृष्णा की मौत होने से मिथलेश कुमार के घर का चिराग बुझ गया है। मिथलेश कुमार फूट-फूट कर रोता हुआ कह रहा था कि शायद कृष्णा की जगह वह खुद मिट्टी खोदने गया होता तो उसके पुत्र की जान बच जाती।
त्योहार की खुशियां मातम में बदली
जहां एक ओर मिथलेश और जगदीशचंद्र के परिवारीजन दीपावली की खुशियां मनाने के लिए घर की साफ-सफाई कर रहे थे। वहीं सोमवार की सुबह हर्ष और कृष्णा की मौत होने से दीपावली की खुशियां मातम में बदल गई। मृतक बच्चों के परिजन रो-रोकर कह रहे थे कि अब उनके घर में पटाखे कौन चलाएगा।