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प्रसूताओं की मौत पर परिजनों का हंगामा

Wed, 29 Aug 2018 11:59 PM IST
प्रसूताओं की मौत पर परिजनों का हंगामा
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17- अस्पताल में रोते बिलखते मृतक के परिजन - फोटो : amarujala
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार की देर रात जिला अस्पताल व एक प्राइवेट अस्पताल में प्रसव के दौरान प्रसूताओं की मौत हो गई। दो प्रसूताओं की मौत से स्वास्थ्य विभाग में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। प्रसूताओं की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। मामले की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। दोनो मामले में देर शाम रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।   कोतवाली क्षेत्र ग्राम खरका की मडै़या निवासी प्रसूता नीरज (28) पत्नी मनोज कुमार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने मंगलवार की दोपहर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। दोपहर लगभग 2 बजे प्रसूता ने एक पुत्र को जन्म दिया। मंगलवार की देर रात 10 बजे प्रसूता की हालत बिगड़ गई। अस्पताल कर्मियों ने उसे दवाइयां दी, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ कुछ देर बाद नीरज ने दम तोड़ दिया। इसी बात से नाराज परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
खरका निवासी ससुर रामप्रयोजन ने बताया कि नर्स ने अचेत अवस्था में उसे रेफर कर दिया। तुरंत एंबुलेंस मंगाने पर उसे शक हुआ। उन्होंने शव को अस्पताल से बाहर जाने नहीं दिया। ससुर ने जिला अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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 दूसरे मामले में फफूंद थाना क्षेत्र के ग्राम सुगंधा का पुर्वा निवासी नरेंद्र कुमार अपनी पत्नी नीलेश देवी (28) को प्रसव पीड़ा के चलते मंगलवार की शाम 7:15 बजे श्री बिहारी जी अस्पताल में लेकर आए थे। जहां रात 9 बजे नीलेश देवी ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। मृतका के जेठ वीरेंद्र कुमार पुत्र रामदुलारे ने अस्पताल प्रशासन की ओर से गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उसकी मौत हो जाने की बात कही है। घटना के बाद से अस्पताल के सभी चिकित्सक व स्टाफ मौके से भाग गए हैं। सूचना पर पुलिस ने दोनाें प्रसूताओं के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस संबंध में इंस्पेक्टर कोतवाली विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि दोनों घटनाओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस प्रकरण की सघनता से जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोट
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 वह एडी साहब की मीटिंग में कानपुर आए हुए हैं। उन्हें मामले की थोड़ी जानकारी मिली थी। कहा कि इन दोनों प्रकरणों की जांच कराई जाएगी। जिसमें दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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-डा. एके राय (सीएमओ, औरैया)

लापरवाही में गई प्रसूता की जान, नवजात सुरक्षित
-हालत बिगड़ने के बाद भी समय रहते रेफर न करने का लगाया आरोप
-पीड़ितों ने अस्पतला प्रशासन के खिलाफ दी तहरीर

अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। जिला अस्पताल में एक प्रसूता की मौत पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है।
मंगलवार को ग्राम खरका की मडैंया निवासी नीरज (28) पत्नी मनोज कुमार को परिजनों ने सुबह 8 बजे डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले में नीरज के ससुर राम प्रयोजन ने बताया कि अस्पताल में पुत्रवधू ने दोपहर 2 बजे एक पुत्र को जन्म दिया। बताया कि रात लगभग 10 बजे अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। जिस पर अस्पताल कर्मियों ने हालत कंट्रोल न होते देख उसे रेफर कर दिया। आरोप लगाया कि इससे पहले की उसे रेफर किया जा पाता नीरज ने दम तोड़ दिया। ससुर राम प्रयोजन ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब उनकी पुत्रवधू की मौत हो गई तो बवाल से बचने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अपनी मर्जी से एंबुलेंस बुलवाकर उसमें पुत्रवधू को लिटा दिया लेकिन जब उन लोगों ने इसका विरोध किया तब जाकर बड़ी मुश्किल से उसे एंबुलेंस से नीचे उतारा। बाद में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उनकी तहरीर यह कहकर लेने से इंकार कर दिया कि आप लोग बेवजह डाक्टरों को फंसाना चाहते हो। बताया कि बाद में पुलिस के अनुसार केवल ब्लीडिंग अधिक होने से मौत होने की तहरीर लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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