अजीतमल (औरैया)। मुरादगंज में शिव शंभू स्वीट हाउस के गोदाम में सिलिंडर फटने से गंभीर रूप से झुलसे दो युवकों की इलाज के दौरान मौत के बाद शुक्रवार को जगतपुर गांव में तनाव का माहौल हो गया। देर रात दोनों के शव गांव पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। परिजन ने दुकान मालिक समेत तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की और देर शाम तक दोनों शवों का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। हंगामे की सूचना पर सीओ अजीतमल, कोतवाली और अयाना थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
जगतपुर निवासी मृतक शिवम (18) के पिता सज्जनलाल और विपिन (16) के पिता किशनलाल ने कोतवाली में तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि दोनों युवक शिव शंभू स्वीट हाउस में मिठाई बनाने का काम करते थे। 13 सितंबर को दुकान मालिक मनोज कुमार उर्फ छुन्ना, उनके भाई आशुतोष कुमार और पिता रमेश चंद्र पोरवाल ने कर्मचारियों पर घरेलू सिलिंडर से कमर्शियल सिलिंडर में गैस रिफिलिंग करने का दबाव बनाया। इन्कार करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी गई।
तहरीर के अनुसार, दोपहर करीब पौने एक बजे बेसमेंट में गैस रिफिलिंग के दौरान सिलिंडर फट गया। हादसे में शिवम, विपिन, गौरव और धर्मेंद्र गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन का आरोप है कि हादसे के बाद कानपुर के कल्याणपुर स्थित अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और हालत में राहत मिल रही थी। इसी बीच दुकान मालिक ने महंगे इलाज का हवाला देकर मरीजों को पनकी के अस्पताल में शिफ्ट करा दिया। वहां लापरवाही के चलते संक्रमण फैलने का आरोप है। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें पहले सैफई और फिर दिल्ली ले गए, जहां उपचार के दौरान शिवम और विपिन ने दम तोड़ दिया। दिल्ली में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार रात दोनों के शव गांव पहुंचे। शवों को देखते ही परिजन में चीख-पुकार मच गई।
शुक्रवार को परिजन आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करने लगे और अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। पुलिस फोर्स के पहुंचने के बाद भी देर शाम तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका। सीओ शैलेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया जा रहा है।
मामले में देर शाम अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा व अजीतमल एसडीएम विनोद कुमार मीणा, नायब तहसीलदार अवनीश कुमार मौके पर पहुंचे। हंगामा कर रहे परिजन व ग्रामीणों को समझाने के प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि एसडीएम ने पीड़ित परिवार को आवास व आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हो गए। परिजन ने शनिवार सुबह अंतिम संस्कार करने की बात कही है। एसडीएम ने बताया कि आवास को लेकर ग्राम सचिव को निर्देश दे दिए गए है। अग्निकांड में गई युवकों की जान को लेकर नियमानुसार आर्थिक मदद की जाएगी। (संवाद)