औरैया में शहर के पढ़ीन दरवाजा निवासी मासूम शुक्रवार को अपने बड़े भाई के साथ स्कूल में पढ़ने जा रही थी। स्कूल के पास रिश्ते में मामा ने मासूम को चॉकलेट दिलाने के नाम पर अपहरण कर लिया। परिजनों के सूचना देने पर सक्रिय हुई पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज मासूम को 10 घंटे के अंदर सकुशल बरामद कर लिया। मुठभेड़ में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है।
शहर के पढ़ीन दरवाजा निवासी अरविंद कुमार ने बताया कि उसकी बेटी राधिका (05) व बेटा किशन (08) शहर के जेसीज चौराहा स्थित डीपीएम स्कूल में पढ़ते हैं। शुक्रवार को दोनों बच्चे स्कूल गए थे। छुट्टी होने पर पत्नी मेनका बच्चों को लेने पहुंची तो उसे वहां सिर्फ बेटा किशन मौजूद मिला। पत्नी ने जब बेटी के बारे में पूछा तो बेटे ने बताया कि दीपक मामा (मेनका का रिश्ते में भाई) निवासी लडुआपुर थाना डेरापुर कानपुर देहात अपने साथ ले गए हैं।
इसके कुछ देर बाद आरोपी दीपक ने फोन कर बेटी के अपहरण करने और फिरौती के नाम पर दो लाख रुपये की मांग की। सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस ने आनन-फानन में मामले की रिपोर्ट दर्ज जिले समेत कानपुर देहात व जालौन में कई ठिकाने पर दविश दी। देर रात फिरौती के पैसे लेने आने के दौरान पुलिस ने आरोपी को बिलरायां-पनवाड़ी राज्य मार्ग पर देवकली चौकी के पास घेर लिया। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर फायर झोंक दिया। मासूम की सुरक्षा को लेकर पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है। पुलिस ने घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने बताया कि आरोपी ने घटना के पीछे कुछ स्पष्ट नहीं बताया है। बस बहन से अनबन होने पर सबक सिखाने के नाम पर अपहरण करने की बात कही है।