फोटो 30एयूआरपी31- यमुना नदी के गंदे पानी में खड़े होकर सूर्य को जल देता युवक
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औरैया। सोमवार को जिलेभर में कार्तिक पूर्णिमा श्रद्धा और धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने जालौन और जिले की सीमा पर बहने वाली यमुना नदी के गंदे तटों और मैले पानी में जान जोखिम में डालकर आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद विधि-विधान से मंदिरों में जाकर पूजन किया। आस्था के इस पर्व पर शासन द्वारा तटों पर साफ-सफाई और महिलाओं के लिए स्नान घरों को बनाए जाने के निर्देश थे। लेकिन जिले में प्रशासन की तैयारियां सिर्फ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर ही देखने को मिली।
कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर सुबह से ही जिले की सीमा पर बहने वाली यमुना नदी के तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। यह भीड़ देर दोपहर तक रही। तटों पर फैली गंदगी, यमुना के गंदे पानी में श्रद्धालुओं ने जान जोखिम में डालकर डुबकी लगाई। जिला प्रशासन द्वारा नदी तट पर न तो साफ-सफाई के इंतजाम किए गए और न ही महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए गृह बनवाए गए। यमुना नदी में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। यमुना नदी में महिलाओं ने धूप, दीप और फूल अर्पित किए। वहीं, कई श्रद्धालुओं ने परिवारीजनों के साथ भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी और प्रसाद वितरण किया। यही नहीं श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में स्नान के बाद मां मंगलाकाली और देवकली मंदिर में पूजा की। आचार्य आशू जी महाराज ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और दान का विशेष महत्व होता है।
सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद रही पुलिस
यमुुना नदी पर श्रद्धालुओं की भीड़ तड़के सुबह से देर दोपहर लगभग दो बजे तक देखने को मिली। श्रद्धालुओं की भीड़ और यमुना नदी में स्नान करते समय कोई हादसा न हो जिसके चलते भीड़ को देखते हुए नदी तट पर महिला व पुरुष सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे।
लोगों में जिला प्रशासन के प्रति दिखी नाराजगी
यमुना नदी तट पर स्नान करने उमड़े श्रद्धालुओं ने इस बार जिला प्रशासन को जमकर कोसा। श्रद्धालु सरोजनी देवी ने बताया कि नदी में आए बाढ़ के बाद तट के हालात खराब है। जगह-जगह फिसलन है, तो वहीं नदी का साफ पानी दूर है। प्रशासन द्वारा कोई इंतजाम न कराए जाने से श्रद्धालुओं ने साफ पानी से दूर गड्ढों में भरे यमुना नदी के गंदे पानी में लोगों को स्नान करना पड़ रहा है।