माध्यमिक विद्यालयों की छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जल्द ही उन्हें जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में प्रशिक्षक नियुक्त होंगे। एक प्रशिक्षक के पास पांच स्कूलों की जिम्मेदारी होगी। शासन ने निर्देश जारी होने के बाद बीते दिन लखनऊ से प्रशिक्षण लेकर वापस लौटी कराटे की प्रशिक्षक ने इसके बारे में जानकारी दी।
स्कूली छात्राओं के साथ आए दिन छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार ने माध्यमिक बालिका विद्यालयों की छात्राओं को जूडो-कराटे सिखाने की योजना शुरू की है। राज्य सरकार की ओर से प्रथम चरण के प्रशिक्षण के लिए 30 जिलों में औरैया को भी शामिल किया गया है।
जिले के माध्यमिक बालिका विद्यालयों की छात्राओं को जूडो कराटे का प्रशिक्षण देने के लिए ब्रह्मनगर की अनुपम सेठ और गायत्री नगर के दिलीप कुमार कुशवाहा को प्रशिक्षक नियुक्त किया गया हैं। बीते दिनों केडी सिंह बाबू स्टेडियम से दो दिवसीय जूडो-कराटे का प्रशिक्षण लेकर वापस लौटीं प्रशिक्षक अनुपम सेठ ने इसके बारे में जानकारी दी। बताया कि राज्य सरकार ने माध्यमिक विद्यालयों की छात्राओं को प्रशिक्षत करने को उप्र जूडो एसोसिएशन से करार किया है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के क्रम में पढ़े चलो-बढ़े चलो कार्यक्रम के तहत प्रारंभिक तौर पर जिले के 10 माध्यमिक स्कूलों की छात्राओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। डीआईओएस चंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि माध्यमिक बालिका विद्यालयों की छात्राओं को जूडो-कराटे से प्रशिक्षित करने को राज्य सरकार से दिशा निर्देश प्राप्त हो गए हैं। चयनित विद्यालयों में आगामी एक नवंबर से प्रशिक्षण प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है।
यह होगा प्रशिक्षण शेडयूल
छात्राओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण देने के लिए चयनित किए जाने वाले विद्यालयों में सप्ताह में दो दिन प्रशिक्षण दिए जाने का प्रावधान किया गया है। प्रशिक्षण समय एक से दो घंटे का होगा। एक प्रशिक्षक पर चार से पांच स्कूलों की जिम्मेदारी होगी। प्रशिक्षण समाप्ति के बाद प्रशिक्षकों को संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। इसी आधार पर ही प्रशिक्षकों को मानदेय का भुगतान किया जाएगा।