दो दिन से यमुना नदी में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर ने रविवार देर शाम अपने पांव पीछे कर लिए हैं। सुबह आठ बजे तक जहां पानी का पैमाना 109.22 मीटर तक पहुंचा तो देर शाम उतार की ओर बढ़ा और जलस्तर 108.73 पर आकर ठहर गया। इससे जिला प्रशासन सहित यमुना किनारे बसे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
धौलपुर (राजस्थान) से छोड़े गए पानी से यमुना के जलस्तर में रविवार सुबह तक लगातार बढ़ोत्तरी जारी रही। इस दौरान यमुना के पानी में जबरदस्त लहरें बनती दिखीं।
पानी के तेज बहाव में तमाम मछलियां बहकर किनारे आ पहुंची। इसके चलते मछुवारों ने मछलियों का शिकार किया। वहीं कई मछलियों ने पानी में मिट्टी की अधिकता के चलते अंदर ही अंदर दम तोड़ दी।
शेरगढ़ घाट पर रविवार को जब जलस्तर का जायजा लिया तो सुबह आठ बजे 109.22 की बढ़त बनाए हुए था, जो शनिवार की अपेक्षा सवा मीटर अधिक था। हालांकि दोपहर बाद से ही धीरे-धीरे पानी उतरना शुरू हो गया। देर शाम होते होते जलस्तर ने 108.73 मीटर पर आकर ठहराव किया।
वहीं सुबह के हालत देखने पर यह लग रहा था कि पानी 109 के पैमाने को भी पार कर जाएगा, लेकिन जलस्तर में कमी होने से यमुना किनारे बसे ग्राम सिकरौड़ी, गौहानी, जाजपुर, बंशियापुर, बड़ेरा, सिकरौड़ी, बंशियापुर, मई, अस्ता, बीजलपुर, सिखरना, जुहीखा, गूंज, कैथोली, गौहानी कला व जाजपुर गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली ही।
साथ ही जिला प्रशासन की सांस में सांस आई। वहीं केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के मुताबिक पीछे से पानी छोड़ने पर विराम लगने से अब यमुना के जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है।