कस्बे के बालाजी सेवा समिति की ओर से रविवार को कलश यात्रा निकाली गई। परिक्षित बने डा. अमरनाथ तिवारी की अगुवाई में महिलाए सिर पर कलश रख मंगल गीत गाते हुए चल रही थी। कलश यात्रा कस्बे की प्रमुख गलियों से निकली।
मुरादगंज कस्बे में कलश यात्रा के साथ ही श्रीमद्भागवतकथा का प्रारंभ हुआ। पंडित बृजभान दुबे ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश स्थापना कराई। इसके बाद दोपहर में आचार्य मधुसूदन शुक्ला ने कथा शुरू की और बताया कि सत्कर्म के मार्ग पर चलकर ही ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है। जीव जब गलत रास्ता अपनाता है तो उसका पतन शुरू हो जाता है।
यह पतन सामाजिक, आर्थिक व नैतिक रूपों में हो सकता है। इसी प्रकार जब जीव ईश्वर के नाम की आराधना करने लगता है तो उसे मन की शांति मिलती है। प्रत्येक जीव को अपने कीमती समय में कुछ पल भगवान की आराधना के लिए अवश्य निकालना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक डा. अमरनाथ तिवारी ने क्षेत्र के भक्तजनों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।